पीडीडीयू नगर। बाढ़ के प्रकोप से करीब 200 गांव के ग्रामीणों को बचाने के लिए जिले में बड़ी व छोटी गड़ई नदी की खोदाई तेजी से चल रही है। कुछ दिन पूर्व मुगलसराय के भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने कार्य का शुभारंभ किया था। नदियों की खोदाई हो जाने से जिले के साथ मिर्जापुर जिले के भी कई गांवों को बाढ़ की समस्या से राहत मिलेगी। वहीं छिछली चंद्रप्रभा नदी की खोदाई के लिए भारतमाला एक्सप्रेस वे बना रही कार्यदायी संस्था से एमओयू किया गया है। नदी की मिट्टी निकालकर कार्यदायी संस्था सड़क निर्माण में प्रयोग करेगी। गड़ई नदी विंध्य पहाड़ियों से निकलकर डोंगिया, अहरौरा और हुसैनपुर जलाशयों से होते हुए मैदानी क्षेत्र में लगभग 60.100 किलोमीटर की दूरी तय करती है। आगे चलकर यह चंद्रप्रभा नदी में मिलती है जो बाद में कर्मनाशा नदी में समाहित हो जाती है। यह नदी वर्षाकाल के पानी के साथ अहरौरा बांध का पानी भी वहन करती है। प्रतिवर्ष बांध से पानी छोड़े जाने पर नियामताबाद और चंदौली ब्लॉक के करीब 7200 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें जलमग्न हो जाती हैं। किसानों की फसलों को क्षति और ग्रामीणों को बाढ़ के प्रकोप से बचाने के उद्देश्य से नदी की खोदाई कराई जा रही है। योजना के तहत बड़ी व छोटी गड़ई नदी की खोदाई पर 7.37 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बड़ी गड़ई नदी के करीब 37.200 किलोमीटर हिस्से की 6.50 करोड़ से और छोटी गड़ई के 12.6 किलोमीटर हिस्से की खोदाई 87 लाख रुपये से कराई जा रही है। नदियों की खोदाई का लक्ष्य 30 जून 2026 रखा गया है।