चित्रकूट। स्वामी विवेकानंद की सार्द्ध जयंती के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना कामतन के कार्यकर्ताओं ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कामतन में मंगलवार को सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का अभ्यास कराया।
कार्यक्रम अधिकारी और गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डा. रामनारायण त्रिपाठी ने बताया कि सूर्य जगत की आत्मा और आरोग्य प्रदाता हैं। प्रतिदिन सूर्य नमस्कार के 12 आसनों को कम से कम तीन बार नियमित रूप से करने से व्यक्ति को आयु, बल, ऐश्वर्य, कीर्ति के साथ आरोग्य का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। युवावस्था में संन्यास लेकर उन्होंने भारतीय संस्कृति को विश्व संस्कृति के रूप में स्थापित किया। युवाओं को उनसे प्रेरणा मिले, इसके लिए उनकी 150 वीं जयंती पर उनकी इच्छा के अनुरूप युवाओं के विकास के लिए योग एवं आध्यात्म की शिक्षा दी जा रही है। इस पूर्वाभ्यास कार्यक्रम में गायत्री परिवार के कार्यकर्ता, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, शिक्षक विद्यार्थी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन प्रधानाध्यापक आनंददाता सिंह, रामनेरश त्रिवेदी, सुनील मिश्र ने किया। उधर, गायत्री शक्तिपीठ में इस अवसर पर श्रीमद्भागवत का आयोजन किया गया है। मंगलवार को कलशयात्रा निकाली गई। डा. त्रिपाठी ने बताया कि कथा झांसी मंडल के मत्स्य विभाग उपनिदेशक डा. आरके गौर और गायत्री शक्तिपीठ के संयुक्त तत्वाधान में हो रही है। इसमें रमेश चंद्र शर्मा दिल्ली, शरद तिवारी आदि का सहयोग है।