मऊ (चित्रकूट)। मऊ के काश्तकारों ने ग्राम मऊ में नियम कानून के विरुद्ध चकबंदी करने का आरोप लगाया है। काश्तकारों ने चकबंदी अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि ग्राम मऊ व ग्राम रतोरा दो अलग राजस्व ग्राम हैं व गाटा मिलाजुला है। दोनो का नक्शा भी एक है। दोनों ग्रामों को अलग किए बिना ही चंकबंदी की जा रही है। इसमें भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 3,25 की कार्रवाही की जाए। कई पक्की सड़कों के किनारे की व्यवसायिक किस्म की भूमि को चकबंदी प्रक्रिया से प्रथक नही किया गया है।
काश्तकारों ने कहा है कि धारा 9बी के तहत विचाराधीन अपत्तियों का निस्तारण किया जाए साथ ही धारा 9 क जो.च. अधिनियम के अंर्तगत विचाराधीन सैकड़ों वादों का निस्तारण गुण दोष के आधार पर किया जाए। आरोप लगाया की सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा मनमाने तरीके से नक्शे में चकों, सड़कों, चकरोड, सार्वजनिक भूमि एवं आबादी को चिह्नित नहीं किया गया है इसकी जांच कर इसे दुरुस्त किया जाए। चकबंदी मैनुवल की धारा 269,3 का अनुपालन नही किया गया है और न ही मौके पर जाकर चक व सेक्टर की नाप की गई है। कर्वी में ही बैठ कर चक आवंटन की कार्रवाई कर ली गई है। काश्तकारों ने मंाग की है कि जो.च. आकार पत्र 23 की पर्चियां दिलाई जाए व उपरोक्त बिन्दुओं के निस्तारण के बाद ही चकबंदी की कार्यवाही की जाए। काश्तकारों ने निस्तारण न किए जाने पर आंदोलन की धमकी दी है। सीओ चकबंदी प्रमोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि समस्याओं के निस्तारण के बाद ही चकों की सुनवाई की जाएगी। चकबंदी अधिकारी को दिए शिकायती पत्र देने वालों में उमाशंकर, रमाशंकर, अवधेश सिंह, मुन्नीलाल, लल्लू, पवन कुमार, अशोक कुमार, मनोज कुमार, देवेंद्र कुमार, धर्मपाल, राजेंद्र, रवी, माताबदल, प्रेमशंकर, श्रीकांत, गरीबदास, राजबिहारी, चंद्रगर्ग आदि काश्तकार शामिल हैं।