चित्रकूट। संविदा पर अंशकालिक अनुदेशकों की भर्ती में आनलाइन कंप्यूटर से निकलवाई सूची में नाम निकला पर जब अभ्यर्थी ने बीएसए आफिस में चस्पा सूची से मिलान किया तो उसका नाम नदारद था। परेशान होकर जब उसने इस संबंध में बीएसए आफिस में जाकर पता करने की कोशिश की तो कर्मचारियों ने उसे टाल दिया। बीएसए ने हालांकि इस संबंध में जांच कराने की बात कही है।
भैरो पागा निवासी रामस्वरूप निषाद ने बताया कि उसकी पुत्री योगिता देवी निषाद ने कला शिक्षा से इस पद के लिए आवेदन किया था जब इसका परिणाम घोषित हुआ तो उसने पुरानी बाजार के साइबर कैफे से कंप्यूटर से परिणाम निकलवाया। रामस्वरूप ने बताया कि सूची में उसकी पुत्री के कुल प्राप्तांक 62.52 प्रतिशत थे और सामान्य वर्ग की सूची में 68वां तथा ओबीसी में 35वां स्थान था। इससे उसके चयन की उन लोगों को निश्चितता हो गई, क्योंकि कुल 139 पदों के लिए आवेदन पत्र मांगे गए थे। उसका कहना है कि जब वह इस संबंध में बीएसए कार्यालय गया तो वहां से उसे कर्मचारियों ने डपटकर भगा दिया। उसने जब सूची से मिलान करने की बात कही तो उसे पुलिस बुलाने की धमकी दी गई। उधर, इस संबंध में जब बीएसए एमपी सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि ऐसा हो तो नहीं सकता, हां वह जांच कराएंगे।