चित्रकूट। पाकिस्तान की जेल में कैदियों के हाथों मौत के शिकार हुए सरबजीत सिंह की आत्मा की शांति के लिए मुसलिमों ने जुमे की नमाज के बाद बैठक कर दुआ मांगी।
हिंदू मुसलिम एकता के बैनर तले हुई बैठक में मुसलमानों ने केंद्र सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि 19 साल तक उसके बेकसूर जेल में बंद होने के बाद भी सरकार सही पैरवी नहीं कर सकी। संयोजक मकबूल अहमद खान का कहना था कि अपने को इस्लाम पर चलने वाला देश कहलाने वाला पाकिस्तान के हुक्मरानों ने अपनी करतूतों से साबित कर दिया है कि यह देश बुजदिलों का नापाक देश है। अब समय आ गया है कि भारत को ऐसे नापाक देश के साथ सुलह समझौते की नहीं इस पार या उस पार की बात करनी चाहिए। भारत ने अगर काश्मीर सीमा पर फौजियों के साथ हुई वारदात के बाद कठोर कार्रवाई की होती तो वह पाक के लिए करारा जवाब होता। सरबजीत भारत का वीर सपूत था और वह मरकर भी सबका दिल जीत गया। इस मौके पर रहमत उल्ला, शहंशाह खान, अदनान खान, इसरार अहमद, मुख्तार आलम, यासीन बेग, शरीफ शेख, रसूल खान, हबीब आदि मौजूद रहे।