चित्रकूट। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं का आमरण अनशन जारी है। तीसरे दिन भी किसानों का हाल पूछने विभागों का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इस बीच तीन अनशनकारियों की तबियत बिगड़ने लगी है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसान आक्रोशित हैं।
भाकियू के जिलाध्यक्ष रामसिंह पटेल ने बताया शनिवार दोपहर सिंचाई विभाग से एक व्यक्ति गुंता डैम के प्रभावित किसानों के भुगतान के लिए एक पत्र लेकर आया था। उन्होंने बताया ऐसे तो अनशन का मजाक हो रहा है। बात रसिन डैम की हो रही है और विभाग पत्र गुंता डैम का भेज रहे हैं। किसानों का कहना है कि वह लोग जिले में विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए आए सचिव होमगार्ड से भी मिले थे। वहां भी निराशा ही हाथ लगी। एक सप्ताह के अनशन के बाद भी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जिलाध्यक्ष के अनुसार अधिकारियों को किसानों से कोई सरोकार नहीं रहा है। आमरण अनशन कर रहे तीन किसान बृजरानी देवी, सीताराम और रामप्यारे यादव की तबियत खराब हो गई है। उसके बाद भी अनशन नहीं खत्म किया जाएगा। शनिवार को आमरण अनशन में लवलेश मिश्रा, आकाश कोल और विजयबहादुर शामिल रहे।