एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

नीम हकीम के कारण कनेर की जड़ खाने से हुई शुगर रोगी की मौत

Chitrakoot Updated Tue, 18 Feb 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

चित्रकूट। जनपद में झोलाछाप और नीम हकीम जान के दुश्मन बने है जिसके चलते सोमवार को अधेड़ की मौत हो गई। मधुमेह रोगी को झोलाछाप हकीम ने कनेर की जड़ पीसकर पीने की सलाह दे दी। रोगी कनेर की जड़ खोद लाए और उसे पीसकर पी गए। इसके बाद हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर भागे जहां डॉक्टरों ने शरीर में फैले जहर को खत्म करने का प्रयास किया, लेकिन मरीज को बचा नहीं सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर के कोल गदहिया निवासी अकबरअली (55) काफी समय से शुगर के मरीज थे। उसका इलाज चल रहा था। लाभ न होने से वह परेशान थे। अकबरअली के भाई हाजी रज्जनअली ने बताया कि रविवार को एक झोलाछाप हकीम भाई से मिला था। बिमारी के बारे में चर्चा होने पर उसने भाई से कनेर की जड़ पीसकर पीने की सलाह दी। हकीम के अनुसार 25 ग्राम जड़ पीने से बिमारी में लाभ होगा और जल्द ही बिमारी से निजात मिल जाएगी। हकीम की बातों में आकर अकबरअली रविवार की शाम को ही कनेर की जड़ खोद लाए थे। सोमवार सुबह उसे पीसकर पी लिया। उन्हें बिस्तर पर तड़पता और हालत गंभीर देखकर परिजनों ने जब पूछताछ की तो उन्होंने पूरा मामला बताया। इस पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल भागे। डॉक्टरों को जब जानकारी हुई तो उन्होंने कनेर के जहर को खत्म करने का काफी प्रयास किया। इलाज के दौरान सुबह नौ बजे अकबरअली ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार कनेर की जड़ काफी मात्रा में अकबरअली ने पी लिया था। जहर शरीर में फैल चुका था, इसलिए बचाया नहीं जा सका। मौत की खबर परिजनों में कोहराम मच गया। अकबरअली के तीन बेटे और चार बेटियां है।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें