चित्रकूट। शहर की चिटफंड कंपनी में हुई चोरी से पुलिस भी हैरान है। सवाल यह है कार्यालय का मुख्य दरवाजा और लॉकर बंद होने के बाद भी पैसे कैसे गायब हो गए। दूसरा यह कि पहले दिन लॉकर की दूसरी चाभी मुख्य कार्यालय इलाहाबाद में होने की बात सामने आई थी, लेकिन ऐसा नहीं है। इस मतलब दूसरी चाभी से ही लॉकर खोलकर पैसे पार किए गए है।
रोज वैली ग्रुप ऑफ कंपनीज के जिला कार्यालय में मंगलवार को सुबह 25 लाख रुपये की चोरी से हड़कंप मचा था। पुलिस अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तब पता चला कि बंद लॉकर खोलने पर उससे पैसे गायब होने की जानकारी मिली थी इस संबंध में सहायक ब्रांच मैनेजर शरद प्रसाद साहू के अनुसार वह खुद केबिन का दरवाजा खोलकर अंदर गए थे। इसके बाद एजेंट महेंद्र प्रताप को फुटकर पैसे देने के लिए लॉकर खोला तब उससे चोरी की जानकारी हुई। शरद के बताया कि कार्यालय के पूर्व मैनेजर तबादले के बाद भी कार्यालय में हस्ताक्षर करने आते थे जिस दिन चोरी हुई है वह नहीं आए और कार्यालय के एक कर्मचारी ने उनसे बगैर पूछे उनकी अनुपस्थिति लगा दी। उस दिन से वह भी गायब है। इसके अलावा जिस कर्मचारी के पास कार्यालय की चाभी होती थी वह भी उस दिन बगैर बताए गायब हो गया। शरद ने बताया कि उन्हें जानकारी थी कि लॉकर की दूसरी चाभी इलाहाबाद हेड ऑफिस में है, लेकिन ऐसा नहीं है। वह चाभी किसी कर्मचारी के पास ही है और उसी ने पैसे पार किए।
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कार्यालय में किसी बाहरी ने चोरी नहीं की है। यह बात उनके अधिकारी भी मान रहे है। सभी कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। मामला चोरी का नहीं अमानत में खयानत का है। जांच पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी।
सीओ सिटी सुधीर जायसवाल
लॉकर की दो चाभी होती है। एक ब्रांच में दूसरी मुख्य कार्यालय में, लेकिन दूसरी मुख्य कार्यालय इलाहाबाद को नहीं दी गई है इसलिए यह संदेह है कि वह चाभी जिसके पास है उसी ने गड़बड़ की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एआरएम अजय कुमार वर्मन