चित्रकूट। शिवरामपुर और भरतकूप क्षेत्र में ट्रक चालकों के खिलाफ मंगलवार को अभियान छेड़ दिया गया। यहां प्रवर्तन अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने सात ट्रक पकड़े। उनमें से दो के खिलाफ ओवरलोडिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि उनका काम सिर्फ ओवरलोडिंग देखना है। अभियान में एडीएम और सेल टैक्स के अधिकारी भी शामिल रहे। अभियान से मंगलवार ट्रक चालकों में तो हड़कंप मचा रहा। ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष शिव शरण त्रिपाठी ने बताया अभियान नहीं ट्रक चालकों का शोषण किया जा रहा है जो गलत है। इस संबंध में ट्रक चालकों का आरोप है कि वसूली का विरोध किया तो बवाल मच गया। नतीजा सिंडिकेट गैंग के आरोपियों पर जैसे तैसे कार्रवाई हुई और दूसरे दिन ही चालकों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया गया। वसूली का विरोध करने का अब उन्हें खामियाजा भुगताना पड़ रहा है।
उधर कानूनी सलाहकारों की राय में आरोपी सिंडिकेट गैंग को बचाने के लिए पुलिस ने सभी हथकंडे अपनाए है। अधिवक्ता जगत नारायण पांडेय ने बताया कि सीतापुर क्षेत्र में हुई घटना में 13 आरोपियों के खिलाफ सिर्फ धारा 387 के तहत कार्रवाई हुई है जिसमें तुरंत जमानत होती है और इस धारा में जमानत देने का अधिकार थाना प्रभारी को भी होता है। उन्होंने बताया कि पांच से अधिक लोग एकत्र होकर कोई घटना करते है तो ऐसी दशा में 147, 148, 149 की धारा भी बनती है। अधिवक्ता कमलेश प्रसाद यादव ने बताया कि ट्रक चालक से मारपीट करने पर आरोपियों पर 323, 504, 506 की धारा भी लगनी चाहिए। चुनाव अधिसूचना और धारा 144 लागू होने पर असलहा लहराने पर भी कार्रवाई बनती है। अधिवक्ता शिव पूजन शुक्ला ने बताया कि चालक धोबी जाति का है, इसलिए एससीएसटी की कार्रवाई भी होनी चाहिए। अधिवक्ता मनोज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दस्यु प्रभावित क्षेत्र होने के कारण 12/14 की भी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 387 के तहत कार्रवाई करते हुए मामला रफादफा कर दिया है।