चित्रकूट। पहाड़ी ब्लाक के अर्की गांव के मनरेगा मजदूरों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से प्रधानपति दयाराम और सचिव पर फर्जी जाबकार्डों से रुपया निकालने की शिकायत की। यह भी बताया कि काम करने वाले कई मजदूरों की दिहाड़ी साल भर बीतने के बाद भी नहीं दी गई है।
अतरौली बीडीसी शकुंतला देवी के पति धर्मराज के नेतृत्व में मनरेगा मजदूरों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचे मजदूरों ने बताया प्रधानपति दयाराम काम न करने वाले मजदूरों के जाबकार्डों से भी फर्जी तरीके से रुपये निकालता है। खातेदार को 200 रुपये देकर बाकी रुपया हड़प लेता है। इसके अलावा मजदूरों ने ग्राम प्रधान पर काम करने वाले मजदूरों का भुगतान एक वर्ष बाद भी न देने का आरोप लगाया है। मजदूरों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर रिश्वत लेेकर अपात्राें को आवास वितरित करने का आरोप लगाया है। बीडीसी सदस्य के पति ने बताया कि शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से प्रधान पति दबंगई पर उतर आया है। मजदूरों ने जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शन करने पहुंचे मजदूरों में धर्मराज, छोटेलाल, रामनरेश, राजकुमार, राममिलन, सुबीहिती, शिवसागर, श्रीकेशन, बच्चा भी शामिल रहे। उधर, प्रधान पति दयाराम ने आरोपों को गलत बताया। उसने कहा कि मजदूरों का जॉब कार्ड फीड कराने की जिम्मेदारी उनकी होती है। मजदूरी सीधे खाते में ही जाती है, इसलिए नकद भुगतान नहीं किया जा सकता है। रिश्वत लेने का आरोप बेवजह लगाया जा रहा है।