एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

अलविदा जुमा की नमाज में अमनचैन की दुआ

Chitrakoot Updated Sat, 26 Jul 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

चित्रकूट। रमजानुल मुबारक के आखिरी जुमा यानी अलविदा जुमा की नमाज जिले में सौहार्द पूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज अदा करने से पहले मस्जिदों में तकरीर करते हुए रमजान का महत्व व शबे कद्र के बारे में तफसीर से बयान किया गया। बताया कि शबे कद्र इबादत और तौबा की खास रात होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर की जामा मस्जिद में मौलाना उबैद अली ने शबे कद्र के बारे में बताते हुए कहा कि माहे रमजान में पांच शबे कद्र होती हैं, जिसमें 21 की शब,23 की शब, 25 की शब, 27 की शब और 29 की शब हैं। हदीसों में आता है कि इन्हीं ताक रातों में एक रात तलाश करो। रातभर जागकर अल्लाह की इबादत व अपने गुनाहों से तौबा करो, जिसमें 27 की शब को ज्यादा तरजीह दी गई है। कजियाना वाली मस्जिद के इमाम हाफिज इलियास ने बताया कि अपने माल का ढाई प्रतिशत जकात निकालकर गरीबों, मिसकीनों व मदारिस में दो। जकात निकालने वाले शख्स के माल को नुकसान नहीं होता। साथ ही बताया कि पचीस रुपये फितरा एक शख्स का होता है, चाहे वह बड़ा हो या बच्चा। यहां तक कि ईद के दिन नमाज के पहले अगर बच्चा पैदा होता है तो उसका भी पचीस रुपया फितरा होता है। पौने दो सेर गेहूं यानी एक किलो छह सौ तैंतीस ग्राम, आज इसकी बाजारू कीमत का पैसा पचीस रुपए होता है, जिसको हर शख्स को अदा करना चाहिए। वहीं नगर के साथ-साथ कसबों में भी अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। समाजसेवी हबीब खां ने प्रशासन की चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था और नगरपालिका की व्यवस्था पर संतोष जताया। बताया कि अगर 28 जुलाई को चांद देखा जाता है तो 29 जुलाई को सुबह नौ बजे ईदगाह में, सवा नौ बजे कजियाना वाली मस्जिद में, साढ़े नौ बजे जामा मस्जिद में व तरौंहा की तीन मसजिदों में ईद की नमाज अदा की जाएगी। शुक्रवार को नमाज अदा करने के बाद लोगों ने खजूर, सेवईं, सूतफेनी आदि की जमकर खरीदारी की।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें