मानिकपुर (चित्रकूट)। कस्बेे में स्वास्थ्य सेवाओं का काफी बुरा हाल है। सामान्य रोगियों की तो बात ही और है लेकिन इमरजेंसी ड्यूटी में भी डाक्टर मौजूद नहीं रहते। इमरजेंसी कक्ष में केवल एक सुरक्षा गार्ड ही मिलता है वह भी सोया रहता है और ठीक से रोगियों को कोई बात बताता भी नहीं। रात में कोई डाक्टर मिलता भी नहीं और मरीजों को बाहर इलाज कराने के लिए बाध्य किया जाता है। समस्या को लेकर मरीजों ने उच्च अधिकारी को ज्ञापन भेजा है।
बताया कि मानिकपुर निवासी सूरज कुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलवार की रात लगभग ग्यारह बजे में मऊ गुरदरी निवासी सुदामा बुखार से पीड़ित अपनी बहू रीता का इलाज कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आया। जब वह इमरजेंसी में पहुंचा तो वहा कोई डाक्टर मौजूद नहीं था वहां केवल एक दरबान था वह भी नीद में चूर। सुदामा ने समस्या बताई तो उसने दो नंबर दिए लेकिन इनमें से किसी भी नंबर पर बात नहीं हो सकी। बाद में दरबान ने बताया कि डा फिरोज की ड्यूटी है तुम लोग बाहर कहीं अपना इलाज करा लो। इसके बाद काफी देर तक सुदामा अपने बहू के इलाज के लिए डा.फिरोज अहमद का दरवाजा खटखटाता रहा। लेकिन डाक्टर अपने कमरे से बाहर नहीं आए। इसके बाद मरीजों ने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भेज समस्या निस्तारण की मांग की।