:- डाकू गौरी गैंग ने लवलेश को अपहरण के बाद मारा था
:- दो साल बाद मिला था कंकाल
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। डाकू गौरी यादव गैंग द्वारा सेहरिन के लवलेश का अपहरण के दो साल बाद कंकाल के रूप में शव बरामद मामले में पुलिस ने पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया शुरू की है। मंगलवार को मृतक के माता-पिता के खून व अन्य नमूने लिए गए।
गौरतलब है कि एक लाख के इनामी डाकू गौरी यादव गैंग ने प्रधानी के चुनाव को लेकर सेहरिन निवासी लवलेश यादव का गांव के बाहर से दो जुलाई 2015 को अपहरण कर लिया था। उसका शव 21 मई को बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के जंगल में कंकाल के रूप में मिला था। जिसकी शिनाख्त उसके पिता व पत्नी ने कुछ कपड़े, चप्पल व हाथ में बंधे धागे से की थी।
इसी मामले में पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि पहचान पुख्ता करने के लिए डीएनए टेस्ट जरूरी है। इसी क्रम में थानाध्यक्ष जयदेव प्रसाद मंगलवार को मृतक लवलेश के पिता रामसंवारे, मां शांतिदेवी और पत्नी वंदना को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक के मां-पिता के नमूने लिए गए हैं। जिसकी जांच के लिए नमूने लखनऊ भेजे गए हैं।