सोमवती अमावस्या पर लाखों ने लगाई आस्था की डुबकी
:-मंदाकिनी तट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। भदई अमावस्या वह भी सोमवती हो तो फिर आस्थावानों के कदम प्रकृति भी नहीं रोक पाती। एक दिन पूर्व से ही धर्मनगरी में एकत्र लाखों श्रद्धालुओं ने सोमवार को जैसे ही मंदाकिनी में डुबकी लगाई तो पूरा क्षेत्र कामतानाथ व मत्गयेंद्रनाथ स्वामी की जयजयकार से गूंज उठा। इस माह में आमतौर पर रहने वाले मौसम के विपरीत तेज धूप, गर्मी का प्रभाव कहीं भी आस्थावानों को रोक नहीं सका।
भदई अमावस्या पड़ने से लाखों श्रद्धालु तेज धूप के बाद भी धर्मनगरी मेें परिवार सहित पहुंचे। मंदाकिनी में स्नान कर कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए यूपी व एमपी के प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल जगह- जगह तैनात रहा। भदई अमावस्या में कामदगिरी की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में एक दिन पहले ही विभिन्न संसाधनों से पहुंचने लगे थे। सुबह होते ही रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी मेें स्नान किया। मत्यगजेंद्र नाथ में जलाभिषेक किया। वहां से चलकर भगवान कामता नाथ के दर्शन किया। इसके बाद मनौती मांगने के लिए कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। श्रद्धालुओं ने धर्म नगरी के जानकीकुंड,स्फटिक शिला, सतीअनसुइया आदि स्थानोें के भी दर्शन किए।
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रेल पटरी पार कर चढे़ ट्रेनों में
चित्रकूट। रेलवे स्टेशन में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की टीम लगी होने के बाद भी रेल पटरी पार कर ट्रेनों में चढ़ने का प्रयास किया गया। कई श्रद्धालु जानजोखिम में डालकर ट्रेन की छत पर बैठकर यात्रा की। जीआरपी डंडे फटकारती रही लेकिन यात्री छत पर ही बैठे रहे। कुछ तो नीचे भी उतरे लेकिन दूसरे डिब्बे के पास जाकर फिर डिब्बे की छत पर पहुंच गए।
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जाम से जूझना पड़ा
चित्रकूट। अमावस्या मेला के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। शहर के बस स्टैंड से लेकर बेड़ी पुलिया तक लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। कुछ यही हाल शिवरामपुर तक रहा। कई बार हाईवे पर जाम लगा लेकिन कहीं यातायात विभाग के सिपाही जाम हटवाने को दिखाई नहीं पड़े। अनियंत्रित टेंपो व जीप चालकों ने भी सड़क किनारे ही वाहन खड़े किए।यहां तक कि बाहरी जिलों से आए बड़े वाहन भी शिवरामपुर से बेड़ीपुलिया मार्ग पर खडे रहे जिससे लगातार जाम का सामना करना पड़ा।
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उड़ती धूल के बीच निकले श्रद्धालु
चित्रकूट। बेड़ी पुलिया से रामघाट तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा न होने से उड़ती धूल से श्रद्धालु परेशान थे। जिससे मजबूरन उड़ती धूल के बीच से निकलना पड़ा। प्रमुख सड़क खराब होने से बाइपास सोनेपुर रोड होते हुए कई श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे। कुछ ऐसा ही हाल परिक्रमा मार्ग के पास चौपड़ा तालाब के पास के मार्ग का भी रहा।अधूरी सड़क व खुदे पड़े तालाब के कारण तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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कम पड़े संसाधन
चित्रकूट। जिला प्रशासन ने भदई मेले मेें भीड़ का सही अनुमान लगाया था लेकिन संसाधन फिर भी कम पड़ गए। परिवहन विभाग ने 120 बसें, रेलवे विभाग ने चार मेला एक्सप्रेस चलवाई हैं। इसके बावजूद इन वाहन की छतों पर बैठकर यात्रियों से सफर किया।
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तैनात रहे पुलिस अधिकारी
चित्रकूट। यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती के अलावा लगभग 1200 पुलिस कर्मी अलग-अलग क्षेत्र में मौजूद रहे। मंडलायुक्त अजय कुमार शुक्ला, डीएम शिवाकांत द्विवेदी,डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह व अपर एसपी बलवीर चौधरी ने कई बार मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया।
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श्रद्धालुओं को पेट भर कराया भोजन
चित्रकूट। तीर्थक्षेत्र के बेडीपुलिया के पास रामकृपा हास्पिटल, स्टेशन रोड़ पर गल्ला व्यापार मंडल के साथ बुंदेली सेना, स्टेशन परिसर में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन, पटेल तिराहे पर समाजसेवियों ने भोजन, हलुआ व शीतल पानी का इंतजाम किया। इस कार्य में राजीव अग्रवाल, गुलाब गुप्ता, आनंद गोयल, अजीत सिंह, जानकी गुप्ता, बीपी पटेल, योगेश जैन, देवेंद्र केशरवानी, पलटू केशरवानी, अर्पित अग्रवाल, रचित अग्रवाल, डा.रचित पांडेय, शानू गुप्ता, विशाल मिश्रा, अमित गुप्ता, विष्णु अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
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पीपल के वृक्ष की पूजा की
चित्रकूट। सोमवती अमावस्या पर परंपरा के अनुसार महिलाएं सुबह से ही पति के दीघार्यु की प्रार्थना करने को पीपल के वृक्ष की पूजा की। फेरी लगाकर प्रसाद वितरित किया।