सलेमपुर। हथुआ-भटनी रेल परियोजना को लेकर किसानों की खेमेबाजी से माहौल गरम हो गया है। आंदोलनकारी किसानों की मांग को दूसरे खेमे ने नकारते हुए अपनी जमीन स्वेच्छा से देने की सहमति जिला प्रशासन से जता दी है।
आंदोलनकारी किसानों के बयान पर दूसरे खेमे से जुड़े पिपरा विठठल के प्रधान अशोक सिंह एवं अन्य किसानों ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उनके गांव पिपरा विठठल के 60 किसान स्वेच्छा से जमीन देने को तैयार हैं। गांव के हरिनारायण सिंह और हरिशंकर सिंह की एक एक एकड़ जमीन निकल रही है। जो कृषि योग्य भूमि है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सामने 970 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा एवं रेलवे में प्रत्येक किसान परिवार को नौकरी की मांग की गई है। यदि प्रशासन उनकी मांग को मानता है तभी जमीन दी जाएगी। वहीं 16 वें दिन क्रमिक अनशन पर आंदोलनकारी ने जमीन नहीं देते हुए आरपार की लड़ाई का एलान किया। कहा कि अब हाईकोर्ट में 100 किसान अपनी याचिका दायर कर इस किसान विरोधी परियोजना को रद करने की मांग करेंगे। बतादें कि 12 सितंबर को हाईकोर्ट इलाहाबाद में प्रदेश सरकार, रेलवे बोर्ड, जीएम पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर, डीएम देवरिया को काउंटर फाइल करना है। क्रमिक अनशन पर वशिष्ठ यादव, इंद्रासन चौहान, बुलाई चौहान बैठे। समर्थन में सूरज विश्वकर्मा, पीसी त्रिपाठी, भीम यादव, जगतनारायण तिवारी, राजन कुमार तिवारी आदि रहे।