देवरिया। नगरपालिका के आधा दर्जन सभासदों को स्वकर मंजूर नहीं है। सभासदों का कहना है कि इसके दायरे में आने के बाद जितनी आमदनी नहीं होगी, उससे ज्यादा टैक्स देना पडे़गा। जो सरासर अन्याय है। एक सभासद ने तो चेतावनी दे दी है कि अगर स्वकर लागू हुआ तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
नगरपालिका के सभासद सत्यप्रकाश सिंह, अनूप पांडेय, जयप्रकाश, रमेश शर्मा और अभय मल्ल भोला ने एक साथ कहा है कि स्वकर प्रणाली लागू हो जाने से भू-स्वामी इसकेे दायरे में आ जाएगा। जो लोग अपने मकान में किराए रखे हैं या जिस मकान में दुकान खुली है। उससे जितनी आमदनी नहीं होगी, उससे ज्यादा टैक्स शहरवासियों और व्यापारियों को स्वकर के नाम पर जमा करना पडे़गा। सभासदों ने कहा है कि नगर क्षेत्र में आज भी 60 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो कृषि पर आधारित हैं। 20 प्रतिशत बेरोजगार है। स्वकर प्रणाली लागू हो जाने से शहरवासियों पर अतिरिक्त भार बढ़ जाएगा। ऐसे में महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर स्वकर कहर बनकर सामने आएगा। जिन मकानों का विवाद के कारण किराया कोर्ट में जमा होता है वे बेवजह मारे जाएंगे। सभासदों ने स्वकर के निर्धारित रेट को कम करने की मांग की है। ऐसा न होने पर सभासद सत्यप्रकाश सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें ऐसे पद पर नहीं रहना है जिससे जनता का भला न हो।
स्वकर सरकार ने लागू किया है। जिस पर पिछले बोर्ड के सभासदों की सहमति भी हुई है। वैसे प्रयास है कि स्वकर को नगरवासियों को ढिलाई दी जाए। जिससे नगरवासियों पर एकाएक कोई बोझ न पडे़। इसके लिए शासन और मंडलायुक्त से लगातार पत्र व्यवहार किया जा रहा है।
अलका सिंह, अध्यक्ष नगरपालिका देवरिया।