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पूर्णांक 60, उत्तर देने को कहा गया 84 नंबर का

Deoria Updated Fri, 03 May 2013 05:30 AM IST
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देवरिया। वाह रे यूपी बोर्ड परीक्षा! परीक्षा 60 अंक की लेकिन पूर्णांक के लिए 84 अंक का उत्तर लिखने को कहा गया था। परीक्षार्थियों ने बोर्ड के निर्देश का पालन भी किया है। ये उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों के लिए सिरदर्द बन गई है। परीक्षा के एक माह बाद भी यूपी बोर्ड ने इसको संज्ञान में नहीं लिया। मूल्यांकन के आठ दिन बाद भी कोई निर्देश बोर्ड ने मूल्यांकन केंद्रों को नहीं भेजा। मूल्यांकन को लेकर परीक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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बोर्ड परीक्षा के प्रति माध्यमिक शिक्षा परिषद कितना जागरूक है यह पिछले दिनों हुई परीक्षा के दौरान ही सामने आ गया। इंटरमीडिएट के व्यवसायिक वर्ग के ऑटोमोबाइल्स विषय की परीक्षा नौ अप्रैल को सुबह की पाली में थी। परीक्षा में 214/1 विषय कोड के 466 संकेतांक वाले प्रश्नपत्र में परीक्षार्थियों से कुल 21 प्रश्नों का उत्तर लिखने को कहा गया था। इसमें यह भी लिखा गया था कि सभी प्रश्नों को हल करना अनिवार्य है। सभी 21 प्रशभनों के लिए निर्धारित अंक को जोड़ा जाय तो वह 84 अंक का हो रहा है। जबकि प्रश्नपत्र का पूर्णांक केवल 60 का है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि परीक्षा संपन्न हो गई। उत्तर पुस्तिकाएं प्रदेश के विभिन्न जनपदों के मूल्यांकन केंद्रों को भेज दी गई। मूल्यांकन शुरू हो गया। अधिकांश कॉपियां जांच दी गईं और इसके बाद भी बोर्ड को इसकी भनक तक नहीं लगी। गुरुवार को मामला तब प्रकाश में आया जब एक मूल्यांकन केंद्र पर एक परीक्षार्थी का उत्तर पुस्तिका परीक्षक के हाथ लगी। परीक्षार्थी ने सभी प्रश्नों को हल कर दिया था। परीक्षक जब उत्तरपुस्तिका के आवरण पृष्ठ पर नंबर चढ़ा रहे थे तो 60 से अधिक नंबर छात्र को मिलने की दशा में उनकी कलम रुक गई। उन्होंने यह सूचना उप नियंत्रक को दी। उप नियंत्रक ने प्रश्नपत्र देखा तो वे भी हतप्रभ हो गए। तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक और बोर्ड को इसकी सूचना भेजी गई। इसके बोर्ड का निर्देश आने के बाद कॅापियों का मूल्यांकन रोक दिया गया। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक रामाज्ञा कुमार ने कहा कि इस प्रकरण को बोर्ड में भेजकर निराकरण कराया जाएगा।
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