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छात्रोें की कमी, प्रमोशन बनेगा रोड़ा

Deoria Updated Mon, 20 May 2013 05:30 AM IST
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देवरिया। उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की पदोन्नति में छात्रों की कमी बाधा बन सकती है। शिक्षा अधिकार अधिनियम के मानक को देखा जाए तो जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या 101 से कम है उस विद्यालय में प्रधानाध्यापक की तैनाती नहीं हो सकती है। इस तरह का मानक पूरा करने वाले विद्यालयों की संख्या मात्र 177 है जबकि जिले के 731 प्राथमिक विद्यालयों में 500 प्रधानाध्यापक पहले से ही तैनात हैं।
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शासन ने जुलाई माह से परिषदीय विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था में गुणवत्ता लाने को लेकर 30 जून को अवकाश करने वाले शिक्षकों की जगह भरने के लिए समायोजन करने को कहा है। यही नहीं जिन विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों का पद रिक्त है उस पर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति की जानी है। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पिछले वर्ष की खाली जगह के आधार पर 220 वरिष्ठ शिक्षकों की सूची प्रमोशन के लिए जारी कर दी है। 31 मई के पहले इनको प्रमोशन भी दे देना है। उधर, शिक्षा अधिकार अधिनियम के मानक को आधार मानकर प्रधानाध्यापकों का समायोजन किया जाए तो 323 प्रधानाध्यापक पहले से ही अधिक हैं। खुद की कुर्सी बचाने के लिए इन्हें जुलाई माह में छात्रों की संख्या हर हाल में 101 से अधिक करनी होगी। इस उधेड़बुन में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर प्रमोशन किए जाने को लेकर शिक्षक संशय में हैं।
कोट
जिले में प्रधानाध्यापक पद के लिए रिक्त विद्यालयों की संख्या पिछले वर्ष ही शासन को भेजी गई थी। उसी आधार पर प्रमोशन के लिए सूची जारी हुई है। इसके लिए शासन से एक बार फिर रिमाइंडर भेजा जाएगा।
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एमए अंसारी, बीएसए देवरिया
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