बनकटा। विकास खंड के बंजरिया गांव में जलजमाव और कीचड़ से ऊब चुके गांववालों ने खुद कुदाल और टोकरी उठा ली। घंटों श्रमदान कर वर्षों से बंद पड़ी कच्ची सड़क पर मिट्टी भरकर वैकल्पिक मार्ग रूप में तैयार किया। यह सड़क 12 गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ती हैं।
रेलवे के पश्चिमी ढाले से पूर्वांचल ग्रामीण बैंक तक मुख्य पिच मार्ग पर जलजमाव और कीचड़ से लोगों का आवागमन पखवारे भर से ठप है। सड़क पर ही कई घरों का नाली का पानी भी बहता है।
गांववालों के शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों ने गंभीरता से नहीं लिया। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज गांव के कुछ उत्साहित युवकों ने पुराने डाकघर से बाजार को जोड़ने वाली बंद पड़ी कच्ची मार्ग पर मिट्टी डालकर साफ सफाई कर उसे चलने योग्य बनाया। वैकल्पिक मार्ग तैयार हो जाने से लोगों का आवागमन शुरू हो गया है। गांववालों की शिकायत पर एसडीएम ने प्रधान को जनहित में अविलंब सड़क को ठीक कराने व जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। एसडीएम के आदेश के बाद ग्राम प्रधान एक ट्राली टुकड़ा ईट और राबिश डालकर कोरम पूरा कर दिया। लेकिन जलजमाव और कीचड़ की स्थित जस की तस बनी रही। उत्साहित युवकों की ओर से ठीक किया सड़क कई गांव को जोड़ता है। श्रमदान करने वालों में गणेश पांडेय, ब्रजेश पांडेय, सत्यम पांडेय, राजकिशोर सिंह, विद्यासागर गोड़, सभानंद पांडेय, फुलेसर प्रसाद, वरूण पांडेय, मुकेश आदि शामिल रहे।