बरहज। जिन्हें देश के कई फौजी ऑपरेशनों और युद्धों में शामिल होने का मौका मिला हो वह गौरवशाली है। चाइना वार से लेकर पाक युद्ध तक, गोवा ऑपरेशन से लेकर ब्ल्यू स्टार आपरेशन में भागीदार बने बंजरिया गांव के दो सेवानिवृत्त फौजी आज समाज में जवानों की भुलाई जा रही शहादत को लेकर चिंतित हैं। कहते हैं सब कुछ बदले पर यह नहीं बदलना चाहिए।
बजंरिया निवासी रामसेवक तिवारी (74) और देवतामुनि तिवारी (76) एक साथ फौज में भर्ती हुए थे। दोनों चीन युद्ध से लेकर पाक युद्ध में शामिल रहे हैं। 1961 में गोवा में पुर्तगालियों के खिलाफ ऑपरेशन में भी रहे। पंजाब में आतंकवाद के दौरान ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार में रामसेवक तिवारी नायक की भूमिका में रहे। बताते हैं कि इसकी सफलता के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने 15 अगस्त 1985 को ऑनरेरी कैप्टन पद से सम्मानित किया था। कई मेडल भी इन्हें मिले।
देवतामुनि बताते हैं कि 1965 मेीं पाक युद्ध के दौरान अनंतनाग जिले के सीमा के पास के एक गांव में तैनात रहे। वहां के घर के मुखिया को छोड़ सभी परिवारों को दूसरी जगह भेज दिया गया। कुछ देर बाद हमला हो गया। इसमें 18 लोगों की जान बचाये थे। दोनों फौजियों का कहना है कि देशहित के लिए बलिदान से बढ़कर कुछ भी नहीं है। लेकिन बदलते दौर में शहीदों के बलिदान को हम भूल रहे हैं। यह प्रवृत्ति अच्छी नहीं है। शासन और प्रशासन को शहीदों के परिवार के लिए हर पहल करनी होगी।
इन युद्ध, ऑपरेशनों में रहे हैं भागीदार
1961 में गोवा ऑपरेशन
1962 चाइना वार
1965 पाकिस्तान युद्ध
1971 में पाकिस्तान युद्ध
1984 में ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार