देवरिया। पथरहट गांव निवासी बीडीसी सदस्य अरुण सिंह ही हत्या में नया मोड़ आ गया है। जब इस हत्याकांड की विवेचना कर रहे अधिकारी ने एसपी से हत्या में नामजद कुछ आरोपी का नाम हटाने का अनुमोदन मांगा।
सूत्रों ने बताया कि एक आरोपी की चार्जशीट कोर्ट में भी दाखिल हो चुकी है। पूरे प्रकरण में अब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। 25 अप्रैल को अरुण सिंह की हत्या के बाद मृतक के भाई शंभू सिंह ने हत्या में मालती देवी, राजेन्द्र, डब्लू सिंह, पूर्व विधायक प्रमोद सिंह, इंदल सिंह, दीपनारायण सिंह, सुदीप सिंह और दिनेश को नामजद कराया। इस मामले में पुलिस ने कुछ आरोपियों के ऊपर 82 की कार्रवाई भी कर दी। हत्या के मास्टरमाइंड को डब्लू सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने जेल में बंद दीपनारायण सिंह, इंदल सिंह, सुदीप सिंह और दिनेश सिंह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। सूत्रों ने बताया कि हत्या में नामजद बसपा के पूर्व विधायक प्रमोद सिंह, राजेन्द्र सिंह और मालती देवी की भूमिका को पुलिस संदिग्ध मान रही है। विवेचन ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक के पास इनके नाम को हत्या से बाहर करने का अनुमोदन मांगा है। पुलिस ने डब्लू सिंह के बयान को आधार माना है। वहीं चर्चा है कि सुदीप सिंह को हत्या के बाहर करने की योजना पुलिस बना रही है। इस हत्याकांड में शामिल इंदल सिंह भी हत्या के साजिश में आरोपी थे। वह जमानत के बाद बाहर चल रहे हैं। इस बाबत एसपी रबिशंकर छबि ने बताया कि विवेचक के पास अधिकार है। उसने किसी भी मामले में क्या साध्य जुटाया है। अनुमोदन की बात आई है, यह जांच का विषय है कि किसी क्या भूमिका है। कुछ कहना मामले में जल्दबाजी होगी।