देवरिया। समाजवादी पार्टी के सचेतक/राज्य सभा सांसद मोहन सिंह के ब्रह्मभोज में शामिल होने बरहज के जयनगर आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भावुक दिखे। उन्होेंने मोहन सिंह से पारिवारिक रिश्ते का जिक्र करते हुए परिवारवालों को ढांढस बंधाया। उनके आने से 15 मिनट पहले कैबिनेट मंत्री आजम खां ने पहुंचकर स्व. मोहन सिंह के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर परिवारवालों से मुलाकात की। परिवारवालों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संवाददाताओं से 30 मिनट के संक्षिप्त बातचीत में कहा कि परिवार से मिलने और उनका दुख बांटने आए हैं।
पूरे परिवार से मिलने का मौका मिला है, यहां मोहन सिंह के परिवार और सहयोगी मौजूद हैं। इसके आगे कुछ मत पूछिए। मोहन सिंह बड़े चिंतक और विचारक थे। मोहन सिंह ने खासकर गांव में रहने वालों की आवाज उठाते थे। समाजवादी पार्टी और समाजवादी परिवार में जो कमी हुई है वह कभी पूरी नहीं होगी। उस तरह के नेता बहुत कम हैं, जिनके पास जानकारी हो और समाजवादी इतिहास को जानते हों। मोहन सिंह इतिहास की तारीख भी याद रखते थे। हम जैसे लोग कम उम्र के नौजवान समाजवादी पार्टी के शिविर में इंतजार करते थे। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। मुजफ्फरनगर की घटना से जुड़े सवाल पूछने पर कहा कि पीड़ित परिवार की मदद किया, जांच हो गये। यह सब आप जानते ही हैं। इसके बाद बोले कि यह समय राजनैतिक बातों का नहीं है।
इसके पहले मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर पूर्वाह्न 11.50 बजे एसके इंटर कॉलेज बरहज के मैदान में उतरा। जहां विधायक आशुतोष उपाध्याय, मनबोध प्रसाद, प्रेमप्रकाश सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद कार में मोहन सिंह के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अंदर कमरे में जाकर परिवार वालों को ढांढस बंधाया।
कमरे में कैबिनेट मंत्री आजम खां, सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, पूर्व विधायक रुद्रप्रताप सिंह के अलावा परिवारवालों में पत्नी उर्मिला, बेटी कनकलता, रीता, पौत्र प्रतीक, मनु सिंह, भाई गुलाब सिंह आईपीएस, अतुल सिंह, नवीन सिंह और भतीजा विवेक सिंह आदि मौजूद रहे।