देवरिया। तहसील और जिले के जिम्मेदार एक भूमिहीन को 23 वर्ष बाद भी पट्टा की भूमि पर कब्जा नहीं दिला सके हैं। तहसील और थाना दिवस पर प्रार्थना-पत्र देते-देते थक चुका पीड़ित बुधवार को जिलाधिकारी से मिला। जिलाधिकारी ने उसे आश्वस्त किया है।
सदर तहसील क्षेत्र के भरवलिया गांव निवासी 70 वर्षीय दिलदार का कहना है कि वह काफी गरीब है। उसके पास कोई भूमि नहीं है। परिवार के सदस्यों की संख्या अधिक है। इधर-उधर से मजदूरी कर किसी तरह परिवार की जीविका चलती है। वर्ष 1990 में ग्राम समाज की भूमि गरीबों में पट्टा की जा रही थी। उस समय दिलदार को भी कुछ भूमि पट्टा मिली लेकिन वह आज तक उस पर काबिज नहीं हो पाया। दिलदार का कहना है कि तहसील और थाना दिवस पर तमाम प्रार्थना-पत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिले के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया पर आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। बुधवार को वह एक बार फिर अपनी पीड़ा लेकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा। जिलाधिकारी से मिलकर उसने अपनी पीड़ा बताई। जिलाधिकारी मणि प्रसाद मिश्र ने उसे आश्वस्त किया कि पट्टा वाली भूमि पर उसे कब्जा दिलवा दिया जाएगा। दिलदार का कहना है कि गरीब होने की वजह से उसकी कोई सुनता नहीं है।