देवरिया। रामपुर कारखाना में दलित पर तेजाब फेंकने वाले आरोपी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। इस मामले में इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच कर रहे सीओ की जांच अब सवाल उठने लगे हैं। जांच में सीओ की लापरवाही सामने आने पर एसपी ने दुबारा जांच बैठा दी है। सीओ की लापरवाही की जांच अपर पुलिस अधीक्षक करेंगे। 16 दिसंबर को रामपुर कारखाना के बनकट बहादुरपुर गांव में कुछ लोगों ने राजकुमार भारती के ऊपर तेजाब फेंक दिया था। इंस्पेक्टर शिवप्रसाद यादव फोर्स के साथ पहुंचे और उपचार करने की बजाए राजकुमार को थाने में बैठाये रखा। एसपी के निर्देश और तहरीर के आधार पर इंस्पेक्टर शिवप्रसाद यादव, अभयनंदन बरनवाल, जितेन्द्र सिंह और रामअशीष यादव के खिलाफ केस दर्ज हुआ। मामले में इंस्पेक्टर की लापरवाही साफ उजागर हो रही थी। वहीं भट्टे पर काम करने वाली महिलाओं की तहरीर पर पुलिस ने राजकुमार भारती के खिलाफ लूट और बलात्कार का क्रास एफआईआर कर दिया। मामले की जांच सीओ नगर एनके सिंह को दी गई। खाकी और सत्ता पक्ष का दबाव सीओ झेल नहीं पाये। उन्होंने जांच के ऐसे पहलू को नजरअंदाज कर दिया जिसकी सबसे अधिक जरूरत थी। जांच पर सवाल उठने के बाद एसपी ने लापरवाही की जांच अपर पुलिस अधीक्षक डीएन द्विवेदी को सौंप दी। वहीं सीओ अपनी जांच को पूरा मान रहे हैं। जबकि दो बिंदु पर जांच होना बाकी है। इस बाबत एसपी रविशंकर छबि ने कहा कि सीओ ने पूरे मामले की जांच की है, जांच में दो बिंदु छूट गया है। रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं था। उन्हीं बिंदुओं की जांच अपर पुलिस अधीक्षक से कराई जा रही है।