देवरिया। मईल क्षेत्र में दरोगा अशोक राय की हत्या में शामिल एक उप निरीक्षक के बेटे को पुलिस ने 10 वर्ष बाद बलिया जिले से गिरफ्तार कर लिया। उस पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम रखा था। वहीं खामपार क्षेत्र में पिता की हत्या कर चार साल से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को खामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों भाइयों पर भी दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसपी डॉ. एस.चन्नप्पा ने तीनों की गिरफ्तारी का खाका तैयार किया था। पुलिस अधीक्षक डॉ. एस चन्नप्पा ने बताया कि 18 मई 2004 को मईल क्षेत्र के पिपरा रामधर गांव के पास उप निरीक्षक अशोक कुमार राय की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद बदमाश उनकी सर्विस रिवाल्वर, 30 कारतूस और मैगजीन लूट ले गए थे। हत्या में गोरखपुर के गोला बनकटा निवासी और दरोगा हरिप्रकाश विश्वकर्मा के बेटे सुमित विश्वकर्मा का नाम प्रकाश में आया था। घटना के बाद से सुमित फरार चल रहा था। करीब 10 साल तक वह पुलिस की पहुंच से दूर रहा। शनिवार की रात एसपी के निर्देश पर मईल थानाध्यक्ष देवेन्द्र विक्रम सिंह ने बलिया जिले से इनामी सुमित विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। घटना में नामजद तीन अन्य आरोपी जेल जा चुके हैं। वहीं खामपार क्षेत्र के सुरवल गांव निवासी सुगंबर की हत्या तीन दिसंबर 2010 में कर दी गई। सुगंबर ने दो शादी कर रखी थी। दूसरी पत्नी मंजू देवी पत्नी सुगंबर ने थाने में हंशा, कंशा, कन्हैया, पुत्रगण सुगंबर और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया था। घटना के बाद कन्हैया और कंशा फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दस-दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया। खामपार थानाध्यक्ष माधव द्विवेदी ने बिहार बार्डर से दोनाें को शनिवार की रात गिरफ्तार किया।