अमर उजाला ब्यूरो
एटा। शासन ने पैरोल से रोक हटा दी है। इससे कारागार में निरुद्ध कैदी भी अपनी बेटी की शादी में शामिल होकर उसका कन्यादान ले सकेंगे। सगे-संबंधियों के यहां होने वाली घटनाओं में भी शामिल हो सकेंगे। इसके लिए उन्हें डीएम से मंजूरी लेनी होगी।
जेल में निरुद्ध कैदियों पर प्रदेश सरकार ने मेहरबानी दिखाई है। आदेश में कहा गया है कि कैदियों की पैरोल से रोक हट गई है। पिछले दिनों इस पर रोक लगा दी गई थी। आदेश में कहा है कि कारागार में निरुद्ध कैदी, जिनकी बेटी की शादी हो रही है, वे मौके पर जाकर पुत्री का कन्यादान ले सकेंगे। साथ ही उनके माता, पिता, भाई-बहन आदि सगे संबंधियों की मौत पर उन्हें 72 घंटे अर्थात तीन दिन की पैरोल दी जाएगी। शासन के इस आदेश के बाद कैदियाें में हर्ष की लहर है।
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जेलर उमेश कुमार ने बताया कि शासन का आदेश उन्हें प्राप्त हो चुका है। प्राप्त शासनादेश में शर्त है कि पैरोल पर जाने वाले कैदी को अपने जनपद के जिलाधिकारी से स्वीकृत पत्र जारी कराकर जिला कारागार में प्रस्तुत करना होगा। उसके बाद ही उसे पुलिस हिरासत में पैरोल दिया जाएगा।