पटियाली। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। तहसील क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम ने गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से तटवर्ती इलाकों में खलबली मची हुई है। तहसीलदार संतोष कुमार ने ग्राम रिकैरा, गठौरा, नगला मुन्ता, नगला हीरा, मेहरी, टिकुरी, नगला खुर्द, नगला मनी, रामताल आदि गंगा के तटवर्ती गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी उन्हें पालतू पशुआें को लेकर हो रही है। उनके लिए चारे का अभाव हो गया है। जलभराव के कारण पानी विषैला हो गया है और हरी घास खिलाने से जानवर रोगों से ग्रसित हो रहे हैं। खुरपका और मुंहपका जैसी बीमारियां उनके पालतू पशुओं में बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आज तक पशु विभाग की ओर से कोई भी कर्मचारी या अधिकारी गांवों में टीकाकरण करने नहीं आया है। इस कारण उनके पशु असमय ही काल के गाल में समा जाते हैं। इसके बाद तहसीलदार ने राजस्व टीम के साथ तटबंधों तथा क्षतिग्रस्त मार्गों की हालत को देखा तथा अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी।