एटा। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नगला केवल कांड का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। महीनों बीत जाने के बाद भी एफआर वापस न लेने और दलितों के साथ हुई घटना को लेकर एक बार अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली ने डीएम व एसएसपी को आठ अप्रैल को साढ़े 10 बजे हाजिर होने का आदेश जारी किया है। वहीं, दलित पक्ष रविवार रात को दिल्ली के लिए रवाना हो गया।
विदित हो कि गत 19 नवंबर 2012 को कोतवाली देहात के गांव नगला केवल में बच्चों के बीच हुए विवाद ने जातीय संघर्ष का रूप ले लिया था। दो पक्षों में से कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस, प्रशासन द्वारा एक पक्ष का सहयोग न कर उन्हीं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई कर दी थी, जिसे लेकर लोगों ने एससीएसटी आयोग से शिकायत की। शिकायत पर जनपद पहुंची टीम ने मामले की जांच की थी और मामले में पुलिस द्वारा निर्दोष लोगाें को फंसाने को लेकर पुलिस से एफआर लगाने को कहा था। मगर उसमें कई महीनों बीतने के बाद भी थाना पुलिस ने एफआर नहीं लगाई है। जिसमें डीएम, एसएसपी को आयोग ने पूर्व में तलब भी किया था। एक बार फिर उसी मामले को लेकर आयोग ने डीएम, एसएसपी को सोमवार आठ अप्रैल को आयोग कार्यालय में पहुंचने को कहा है। वहीं, पीड़ित अनुसूचित जाति के सरदार गजराज सिंह, रमाकांत, थान सिंह, सत्यप्रकाश, उमेश चंद्र, नरेंद्र कुमार डीलर, मुनेंद्र कुमार फौजी आदि रविवार रात को दिल्ली के लिए रवाना हो गए।