एटा। डीएम लोकेश एम ने कहा कि संभावित सूखे को दृष्टिगत रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। फिलहाल जनपद में बाढ़ की कोई संभावना नहीं है, फिर भी ईसन एवं अरिन्द नदियों के आसपास के क्षेत्रों के साथ निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निबटने के लिए संबंधित अधिकारी सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखें। लापरवाही कतई सहन नहीं होगी।
डीएम सोमवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में सूखा और बाढ़ राहत नियंत्रण संबंधी आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 21 जून तक यदि वर्षा नहीं होती है तो सूखे की संभावना बन जाती है। अत: कृषि, उद्यान, पशुपालन, सिंचाई, नलकूप, विद्युत आपूर्ति, जल निगम, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा आदि संबंधित विभाग अभी से ही सभी व्यवस्थाएं कर लें। विद्युत विभाग जले व क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदले, कृषि विभाग कम पानी वाली फसलों के बीज आदि की व्यवस्था, पशुपालन विभाग, हरे चारे व पशुओं के टीकाकरण, स्वास्थ्य विभाग लू व संक्रामक रोगों से बचाव के लिए, आपूर्ति विभाग खाद्यान व मिट्टी के तेल की उपलब्धता, सिंचाई विभाग नहरों की सिल्ट सफाई तथा रोस्टर के अनुसार पूरी क्षमता से नहरों का संचालन करने की व्यवस्था करे।
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत जुगेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जनपद में विद्युत व यांत्रिक दोषों से जहां नलकूल खराब हैं। कई खराब नलकूपों को चलित दिखाया गया है इसकी जांच होनी चाहिए तथा सभी खराब नलकूपों को तत्काल ठीक कराया जाए जिससे किसानों को जायज फसल में पानी मिल सके और पशुओं के पीने के पानी के लिए तालाबों को भरा जा सके। उन्होंने कहा कि पशुओं में खुरपका रोग फैल रहा है, इसकी रोकथाम के लिए प्रभावी ढंग से पशुओं का टीकाकरण कराया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन साहब सिंह, एसडीएम अलीगंज भैरपाल सिंह, जलेसर एसडीएम इन्द्रासन वर्मा, डीडीओ राधेश्याम, अधिशासी अभियंता सिंचाई, विद्युत, नलकूप, डीडी कृषि, डीएसओ, डिप्टी सीएमओ, सभी तहसीलदार आदि थे।