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जयकारों से देवीमय हुआ जनपद

Etah Updated Fri, 12 Apr 2013 05:30 AM IST
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एटा/जलेसर/अलीगंज/अवागढ़/मारहरा। नवरात्र का पहला दिन मातारानी के नाम रहा। पूरे जनपद में सुबह से लेकर दोपहर तक भक्त उमड़े रहे। तो वहीं देर रात तक मंदिर परिसर आरती और भजन कीर्तन से गूंजते रहे।
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गुरुवार सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का हुजूम रहा। मंदिरों के रास्तों में पूजा का थाल लिए महिला-पुरुष भक्तों की भीड़ दिखाई दी। शहर के पथवारी मंदिर, जनता दुर्गा मंदिर, शांती नगर जनता दुर्गा मंदिर, इंद्रपुरी शिव मंदिर, अरुण नगर शिव मंदिर, शिवसिंहपुर पथवारी मंदिर पर शाम तक भक्तों की भीड़ रही। यहां पहुंचे भक्तों ने मातारानी की पूजा कर फल आदि चढ़ाए। वहीं, शाम को आरती करने पहुंचीं महिला भक्त भजन कीर्तन में झूमती दिखीं। इंद्रपुरी मंदिर में भजन कीर्तन पर महिला श्रद्धालुओं ने नृत्य किया।
पर्व को लेकर घरों में भी माहौल भक्तिमय बन गया। उपवास करने वालों ने कलश स्थापना कर विशेष पूजा-अर्चना की। साथ ही ज्योति जलाई गई। तो वहीं कुछ लोगों ने पहले दिन का उपवास कर माता से खुशहाली की कामना की।
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जलेसर में प्रात:काल से महिलाएं और पुरुष मां पथवारी मंदिर पर पूजा अर्चना के लिए एकत्रित हुए। भारत विकास परिषद के सदस्यों ने मंदिर पर पहुंचकर नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ प्रसाद वितरण कराया। इस मौके पर भारत विकास परिषद के अध्यक्ष सेवा सिंह, सचिव यतेंद्र कुमार शर्मा, राजीव गोयल, अमित पालीवाल आदि मौजूद थे, वहीं अलीगंज, राजा का रामपुर, अवागढ़, मारहरा मिरहची में भी देवी मंदिरों पर पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती रही।

चरम पर पहुंची फलों की मांग
एटा । पर्व और उपवास को लेकर फल-दूध आदि की मांग बढ़ गई है। गुरुवार को शहर में सेव, केला, पपीता, अंगूर, संतरा आदि फलों के हथठेलों की संख्या भी बढ़ गई। वहीं इनके चढ़े भाव से लोग सहमे दिखे।

पूजा के दिनों में भी घटतौली, विभाग बेखबर
एटा । सरेआम घटतौली कर रहे फल विक्रेताओं और मिलावट कर रहे दूध विक्रेताओं को लेकर लोगों में रोष है। जीटी रोड पर अंगूर विक्रेता ने एक किलो के नाम पर नौ सौ ग्राम से भी कम अंगूर दिए। दूसरी जगह तौल पर कम निकले अंगूर को लेकर पहुंची महिला विक्रेता से उलझ गई। ऐसा ही विवाद ठंडी सड़क के सामने हो रहा था। महिला श्याम देवी एवं पूर्णिमा का कहना था कि पूजा के दिनों में भी यह लोग घटतौली से बाज नहीं आ रहे। और न ही प्रशासन कुछ कर रहा। गृहणी ममता का कहना है कि वैसे ही गरीबों को फल नसीब नहंी हो रहे। ऐसे में घटतौली इन्हें और महंगा कर रही है।
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