एटा। अवागढ़ थाना में तैनात दारोगा शैलेंद्र सहित तीन पर थर्ड डिग्री के दौरान हुई युवक की मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लेकिन घटना के 13 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी एसआई सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जबकि तीन दिन पूर्व एसआई के आवास पर बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस चस्पा किया गया था। इसको लेकर पीड़ित पक्ष में रोष दिखाई दे रहा है।
विदित हो कि सकरौली क्षेत्र के गांव इसौली निवासी मानिकचंद की हत्या के आरोप में अवागढ़ थाना पुलिस ने गांव के बलवीर और उसके भाई सहित चार लोगाें को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि अवागढ़ थाना में तैनात एसआई शैलेंद्र और एक होमगार्ड सहित तीन लोगों ने बलवीर से हत्या का जुर्म कबूल कराने के लिए उस पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया था। इसके चलते उसकी हालत गंभीर हो गई थी। बाद में उसे पुलिस ने जेल भेज दिया था। जहां उसकी हालत चिंताजनक होने पर उसे जिला अस्पताल से आगरा और आगरा से लखनऊ रेफर कर दिया गया था। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। इस मामले में दारोगा सहित तीन के खिलाफ अवागढ़ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने दरोगा को पकड़ने के लिए उसके घर पर दबिशें भी दी थी। लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिल सकी थी। इसके बाद आरोपी के अवागढ़ आवास पर तीन दिन की मोहलत देते हुए बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस चस्पा किया गया था।