एटा। चरमरा रही विद्युत व्यवस्थाएं उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही हैं। लोग हवा, पानी और रोशनी के लिए परेशान हैं। कारोबारी, कुटीर उद्योग संचालक और किसान सभी अव्यवस्थाओं से कराह रहे हैं।
जनपद में विद्युत की अघोषित कटौती, फाल्ट-ट्रिपिंग और स्थानीय स्तर के शट डाउन उपभोक्ताओं की नींद उड़ा रहे हैं। अव्यवस्थाओं से लोगों में बढ़ रहा आक्रोश जन आंदोलन का रूप ले रहा है। एक सप्ताह से बाधित विद्युत आपूर्ति के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बाद भी विभाग नहीं चेत रहा। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी फोन भी नहीं उठाते।
शनिवार रात ठप रही विद्युत आपूर्ति के विरोध में दर्जनों लोगों ने जीटी रोड स्थित जनता दुर्गा मंदिर के पास जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। एक घंटे तक रहे जाम से जीटी रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को नियंत्रण किया। विद्युत अव्यवस्थाओं से परेशान लोग इससे पहले शिकोहाबाद रोड, जीटी रोड, बिजलीघर, ठंडी सड़क पर भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
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ऊपर से हो रही इमरजेंसी रोस्टिंग के चलते अव्यवस्थाएं बढ़ी हैं। इसकी सूचना भी नहीं दी जाती। उपभोक्ताओं की परेशानियों से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। कर्मचारियों के सीयूजी नंबर न उठाने की शिकायत गंभीर है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
---एससी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग एटा
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सिंचाई के बिना सूख रही फसल
जैथरा (ब्यूरो)। क्षेत्र के गांव महमंता में दो महीने से खराब पड़े ट्रांसफार्मर के कारण किसान परेशान हैं। एक मात्र सरकारी नलकूप होने के चलते सिंचाई का काम पूरी तरह से रुका है। किसान कप्तान सिंह, राजकुमार, महेश चंद्र भारत सिंह आदि का कहना है कि बारिश के चलते उन दिनों कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन अब फसलों को सिंचाई की सख्त जरूरत है। खराब ट्रांसफार्मर के चलते सरकारी ट्यूबवेल शोपीस बना हुआ है। शिकायतों के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदलवाया गया।
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छह माह से खराब पड़ा ट्रांसफार्मर
पिलुआ (ब्यूरो)। कपरेटा गांव में छह माह से खराब ट्रांसफार्मर अभी तक नहीं बदला गया। किसान परेशान हैं, फसलें सूख रहीं हैं। किसान रामप्रकाश, सोरन सिंह, राजेंद्र सिंह यादव आदि का कहना है कि शिकायतों के बाद भी अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। अनिल यादव, प्रवेश, डालचंद्र, अजब सिंह आदि का कहना है कि विभाग में बगैर सुविधाशुल्क कोई काम नहीं होता। आधा दर्जन नलकूप वाले गांव में पांच दर्जन से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं। वहीं जेई राधेश्याम का कहना है कि उनके पास खराब ट्रांसफार्मर की कोई सूचना नहीं है।