एटा। बिजली विभाग में ठेकेदारी प्रथा विभाग पर ही नहीं उपभोक्ताओं पर भी भारी पड़ रही है। संविदा बिजली कर्मी घर में अकेली महिलाओं के बिल न दिखाने पर बिजली काटने की धमकी देते हैं।
मीटर जांच और रीडिंग के नाम पर विभागीय लोग मनमानी कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि घरों पर पहुंच रहे यह लोग बिल भुगतान की पुष्टि के बाद भी संबंधित बिल एवं रसीद देखने के नाम पर परेशान कर रहे हैं। इंद्रपुरी निवासी गृहणी शर्मिला जैन का आरोप है कि बिल भुगतान की सूचना के बाद भी यह लोग बिल की रसीद मांग रहे थे। घर पर अकेला होने के चलते वे नहीं दिखा सकीं तो इन लोगों ने कनेक्शन काटने की धमकी दी।
गृहणी राजकुमारी का कहना है कि विद्युत कागजात और भुगतान की रसीदें आदि पति रखते हैं। बिजली वालों को जब बताया गया कि पति नहीं हैं तो वे केबल काटने की धमकी देने लगे। अधिकारी से शिकायत करने के बाद यह लोग रुके। विभागीय टीमों के ऐसे व्यवहार से उपभोक्ताओं में रोष है।
भुगतान ऑनलाइन, तो ब्यौरा क्यों नहीं!
अधिकांश उपभोक्ताओं का कहना है कि भुुगतान होने के बाद भी इन टीमों के पास इनका ब्यौरा क्यों नहीं होता। चेकिंग के लिए आने वाली टीमों को बकाएदार उपभोक्ताओं को चिह्नित कर कार्रवाई करनी चाहिए। गृहणी नीलम सेठ, सावित्री परमार आदि का कहना है कि ऑन लाइन भुगतान के बाद यह कहना कि उनके पास सूचना नहीं है अनुचित है। ठेकेदारों की यह मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभागीय टीमों के पास भी बकाएदारों का ब्यौरा रहता है। इन्हें चिह्नित करके ही टीमें छापामार कार्रवाई करती हैं। ऐसे में जानबूझकर बिल रसीद न दिखाने वालों के विरुद्ध ही कार्रवाई की जाती है। संबंधित निर्देश टीमों को दिए जा चुके हैं।
- राजीव चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता, शहरी खंड, एटा