एटा। राजस्व बढ़ाने में जुटा बिजली विभाग सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है। यहां तक की उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनने वाला भी कोई नहीं है। फॉल्ट- ट्रिपिंग, आपूर्ति तो दूर बिजली के बिल भी समय से नहीं मिल पा रहे। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को पेनल्टी देकर भुगतना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं को बढ़ा रहे बिजली विभाग का स्टाफ घटता जा रहा है। पूर्व उपभोक्ताओं के लिए ही बिजली विभाग पर तकनीकी एवं कार्यालय स्टाफ नहीं है। ऐसे में बढ़े हुए की समस्याएं कौन सुनेगा? करोड़ों की कमाई के बाद भी बिजली विभाग रिक्त पदों को नहीं भर रहा और न ही अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती हो रही है ऐसे में लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं।
एक कर्मचारी पर कई पटलों का काम
फील्ड में ही नहीं कार्यालयों में भी बुरा हाल है। एक-एक कर्मचारी लिपिक पर कई पटलों का काम दिया है। इसके चलते काम सही समय पर नहीं हो पा रहे। उच्च अधिकारियों से स्टाफ की मांग कर रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। अधिशासी अभियंता शहरी खंड राजीव चतुर्वेदी ने अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर कार्यालय स्टाफ की मांग की है।
तीन जेई के सहारे 14 फीडर
अधिकारी- कर्मचारियों के दर्जन भर पद रिक्त हैं। तीन जेई के सहारे शहरी क्षेत्र के 14 फीडरों का संचालन किया जा रहा है। शहरी खंड में जेई के तीन पद रिक्त हैं। सालों से अधिशासी अभियंता राजस्व एवं एई राजस्व की तैनाती नहीं हो पा रही। बिजलीघरों पर लाइनमैन के सभी पद संविदा कर्मियों के हवाले हैं।
विभाग में स्टाफ की कमी है। विभागीय मुख्यालयों को मांग के साथ स्टाफ रिपोर्ट भेजी जाती है। फील्ड में संविदा कर्मियों को भेजा जा रहा है। वहीं कार्यालयों में भी इनकी तैनाती की जा रही है।
वीके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता