एटा। सूखा पीड़ित जनपद के किसानों को शासन से मुआवजे दिलाए जाने की तैयारी है। सिंचित भूमि के किसानों को छह हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और असिंचित किसानों को तीन हजार रुपये हेक्टेयर का मुआवजा दिया जाएगा। शासनादेश के अनुसार पीड़ित किसानों से लगान और अन्य राजस्व वसूली भी सख्ती से नहीं की जाएगी।
कृषि विभाग द्वारा कराए सर्वे में जनपदीय किसानों का भारी नुकसान बताया गया है। विभागीय टीमों ने एक लाख 22 हजार हेक्टेयर से अधिक की खरीफ फसल का सर्वे कर नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसमें 92 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल को 50 प्रतिशत से भी अधिक नुकसान बताया गया है। शेष 30 हजार हेक्टेयर की फसल में इससे कम नुकसान आंका गया। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने सूखा राहत जनपदों की सूची में शामिल कर लिया।
खरीफ का कुल आच्छादन क्षेत्र
फसल आच्छादन क्षेत्र
धान 26 हजार हेक्टेयर
बाजरा 59 हजार हेक्टेयर
मक्का 36 हजार हेक्टेयर
यह मिलेगा मुआवजा
सूखाग्रस्त जनपद के किसानों के लिए शासन द्वारा निर्धारित सूखा राहत राशि सिंचित और असिंचित केटेगरी में है। जारी आदेशानुसार सिंचित भूमि स्वामी को छह हजार रुपये और असिंचित भूमि स्वामी को तीन हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही पीड़ित किसानों से लगान आदि की राजस्व वसूली स्थगित कर दी गई है। इतना ही नहीं किसानों से बिजली एवं अन्य राजस्व की वसूली भी सख्ती से नहीं होगी।
जनपद में इस वर्ष खरीफ फसल का आच्छादन क्षेत्र 1.22 लाख हेक्टेयर है। विभागीय सर्वे के अनुसार कम बारिश के चलते 92 हजार हेक्टेयर भूमि की फसलों में 50 प्रतिशत से अधिक का नुकसान रहा। वहीं, 30 हजार हेक्टेयर भूमि में पचास प्रतिशत से कम नुकसान आंका गया है।
- ज्ञान चंद्र, उपनिदेशक, कृषि विभाग एटा