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उत्तरप्रदेश में छोटी बच्चियों को भी 'छेड़' रहे दरिंदे

लखनऊ/ब्यूरो Updated Fri, 08 Mar 2013 12:43 PM IST
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उत्तर प्रदेश में महिलाओं से छेड़खानी की वारदात लगातार बढ़ रही हैं। छेड़खानी रोकने के लिए वीमेन पॉवर लाइन सेवा में दर्ज हो रही बेशुमार शिकायतों से यही नतीजा सामने आ रहा है। जो शिकायतें दर्ज हो रही हैं वह चौंकाने वाली हैं। समाज की गिरावट यहां तक है कि 15 वर्ष से नीचे की बालिकाएं भी छेड़खानी का शिकार हो रही हैं और 67 वर्ष तक के उम्रदराज लोग ऐसे अपराध करने से बाज नहीं आ रहे।
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पिछले सा 15 नवंबर से शुरू हुई वीमेन पॉवर लाइन 1090 सेवा पर अब तक 90 हजार से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं जिनमें से 39,485 शिकायतें छेड़खानी की हैं। यह आंकड़ा बमुश्किल चार महीने का है। हालांकि, इनमें से 29,226 शिकायतों का निस्तारण कर लिए जाने का दावा किया जा रहा है। वीमेन पॉवर सेल की उपलब्धियों के बारे में डीआईजी नवनीत सिकेरा ने गुरुवार को एनेक्सी के मीडिया सेंटर में खबरनवीसों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेवा की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और लोगों का विश्वास बना है।

डीआईजी ने बताया कि 1090 पर जो शिकायतें आई हैं उनका परीक्षण किया गया तो सामने आया कि 15 वर्ष से नीचे की बच्चियों से भी बड़े संख्या में छेड़खानी की जाती है। ऐसी 288 शिकायतें आ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 15 से 20 वर्ष की लड़कियों के साथ 30 फीसदी, 20 से 25 वर्ष की युवतियों के साथ 33 फीसदी, 25 से 30 वर्ष की आयु सीमा वाली महिलाओं के साथ 15 फीसदी, 30 से 40 की आयु सीमा वालियों के साथ 14 फीसदी, 40 से 50 वर्ष की महिलाओं के साथ पांच फीसदी व इससे अधिक की उम्र की महिलाओं के साथ भी छेड़खानी की दो फीसदी शिकायतें दर्ज हुई हैं।
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डीआईजी ने बताया कि 1090 सेवा पर दर्ज होने वाली शिकायतों के संबंध में होने वाली कार्रवाई का विश्लेषण किया गया तो पाया गया कि 22 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के युवा इसमें ज्यादा लिप्त हैं। डीआईजी ने बताया कि कानपुर के एक 67 वर्षीय बुजुर्ग भी छेड़खानी करने वालों में से एक निकले। बकौल डीआईजी सिकेरा अधिकतर मामले पुलिस द्वारा फोन कर लिए जाने पर ही निपट गए। कुछ ही मामलों में आरोपी ने पुलिस की बात को नहीं माना। ऐसे 21 मामलों में गिरफ्तारी भी की गई।

डीआईजी ने बताया कि 1090 सेवा पर आई शिकायतों के अध्ययन से सामने आया है कि छेड़खानी का शिकार होने वालों में 36 फीसदी, और 36 फीसदी गृहिणियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 50 फीसदी छात्राओं के साथ छेड़खानी की शिकायत सामने आई है। डीआईजी ने कहा कि इस सेवा का और विस्तार करने का विचार है, जिस पर जल्द ही अमल हो सकता है।

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