एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

जितेंद्रनाथ की रचनाओं का उद्देश्य है मानव कल्याण

Ghazipur Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

गाजीपुर। हिंदी के यशस्वी कवि, कथाकार एवं समालोचक डा. जितेंद्रनाथ पाठक की हीरक जयंती रविवार को समारोहपूर्वक मनाई गई। आदर्श इंटर कालेज के राजर्षि सभागार में प्रगतिशील लेखक संघ की ओर से आयोजित इस समारोह में जिले भर के चुनिंदा साहित्यकारों का जमावड़ा हुआ। सम्मान का अद्भुत क्षण यह था कि सभी में डा. पाठक को माला पहना कर आशीर्वाद लेने की होड़ लगी रही। देर तक मंच पर यहीं क्रम चलता रहा। नगरपालिका के चेयरमैन विनोद अग्रवाल तथा संघ के संयोजक रामावतार की ओर से उन्हें स्मृति चिह्न तथा अंगवस्त्रम् भेंट किया गया तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मौके पर समाजवादी चिंतक डा. पीएन सिंह ने कहा कि श्री पाठक जी बहुत उच्चकोटि के कवि हैं। इनकी कविताओं की हर ओर मुक्त कंठ से सराहना हुई है। कनेर के फूल और बंद टट्टर चर्चित कहानी हैं। मुख्य अतिथि श्री निवास पांडेय ने कहा कि हिंदी साहित्य के शीर्ष पुरुषों में डा. जितेंद्रनाथ पाठक की गणना की जाती है। अध्यक्षीय संबोधन में श्याम सुंदर शुक्ल ने कहा कि इनके भीतर प्रतिभा कूट-कूट कर भरी हुई है। जो इनकी हर कृतियों में दिखाई देती है। किसी साधारण वस्तु को खास बना देना इनकी बड़ी खासियत है। इसी क्रम में की वक्ताओं ने श्री पाठक के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए उनके सुखी जीवन की कामना की। अपने सम्मान से अभिभूत डा. जितेंद्रनाथ पाठक ने कहा कि आज भी वह अपने को विद्वान नहीं बल्कि एक सामान्य विद्यार्थी के रुप में देखते हैं। साहित्य इतना बड़ा क्षेत्र है कि इसमें व्यक्ति हमेशा कुछ न कुछ नया कर सकता है। बताया कि मानव कल्याण उनका उद्देश्य है तथा उनकी सभी रचनाएं इसी के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के संयोजक तथा प्रलेस के जिलाध्यक्ष रामावतार ने कहा कि श्री पाठक सिर्फ जनपद ही नहीं बल्कि पूरे साहित्य जगत के गौरव हैं। कार्यक्रम का संचालन डा. गजाधर प्रसाद शर्मा गंगेश ने किया। इस मौके पर दिनेशचंद दूबे, विजयशंकर राय, एके चटर्जी, अनंत देव पांडेय, संजीव गुप्त, रामनारायण, रामवृक्ष, शेषनाथ राय, राजेन्द्रनाथ, राजेंद्र सिंह बिसेन, सच्चिदानंद, मदन गोपाल, श्रीवर पांडेय, प्रमोद, जयप्रकाश, दुर्गा प्रसाद तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें