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पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर नौनिहाल

अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर Updated Sun, 28 Aug 2016 11:31 PM IST
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पहाड़ीगढ़ी गांव में पेड़ के नीचे पढ़ती छात्राएं व छात्र - फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र के पहाड़ीगढ़ी गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की इमारत बेहद जर्जर है जो कभी भी ढह सकती है। ऐसे में बच्चे क्या टीचर भी कक्षाओं में जाने से डरते हैं। बच्चों को पेड़ की छांव में पढ़ाया जा रहा है। अगर बरसात होने लगी तो पूरे दिन की पढ़ाई चौपट हो जाती है और बच्चों को भीगते हुए घर भागना पड़ता है। वहीं स्कूल परिसर बरसात में तालाब का रूप धारण कर रहा है।
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घुटनों तक पानी भरने से बच्चे और टीचर भी स्कूल के अंदर नहीं पहुंच पाते। शिक्षा विभाग के जिम्मेदार उदासीन हैं।
अधिकारियों की उदासीनता विद्यालयों में हावी है। पहाड़ीगढ़ी गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का बुरा हाल है। सिर्फ कहने को इमारत है, लेकिन उसका लाभ नौनिहालों को नहीं मिल पा रहा है। इमारत इतनी जर्जर है जो कभी भी ढह सकती है। इमारत ढहने के डर से शिक्षक और शिक्षिकाएं बच्चों को स्कूल के बाहर एक पीपल के पेड़ के नीचे बिठाकर पढ़ाने को मजबूर हैं। मौजूदा समय में स्कूल में तीन टीचरों की नियुक्ति हैं।

स्कूल में सिर्फ 22 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। स्कूल की इमारत जर्जर होने से ज्यादातर अभिभावक बच्चों को बगल के बसेला गांव में पढ़ने के लिए भेजने लगे हैं। वहीं स्कूल परिसर मेंबरसात होने पर घुटनों तक पानी भर जाता है। प्रधानाध्यापक रामकिशुन ने कहा कि भवन जर्जर है। हल्की से बारिश छते टपकने लगती हैं। कई स्थानों पर दरारें आ र्गइं हैं। किसी अप्रिय घटना को लेकर बच्चों को पेड़  के नीचे पढ़ाना मजबूरी है। बताया कि बारिश होने पर बच्चों की छुट्टी करना मजबूरी है। नए भवन को लेकर उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र दिया है।
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 पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शौचालय नहीं है। छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में न तो बाउंड्रीवाल बनी है और न शौचालय। जबकि प्रत्येक विद्यालय में शौचालय होना आवश्यक है। शौचालय न होने से विद्यालय में तैनात शिक्षिकाएं भी परेशान रहती हैं।  शिक्षा विभाग के अधिकारी इस समस्या से अनजान हैं।

पहाड़ीगढ़ी गांव का स्कूल भवन जर्जर है। इस तरह के कई अन्य भवनों के निर्माण कराने की जरूरत है। इन भवनों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। बजट आने पर निर्माण कार्य कराया जाएगा।-श्याम प्रकाश यादव, खंड शिक्षाधिकारी राठ
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