hamirpur, uttar pradesh, india
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:06 AM IST
कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाएं।
- फोटो : अमर उजाला
आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाओं ने सात सूत्री मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी को समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री संघ की प्रदेश अध्यक्ष किरन वर्मा ने कहा कि काम में पूरा दिन बीत जाता है। लेकिन सरकार ने उन्हें पूर्णकालिक मान्यता नहीं दी। ये उनके साथ अन्याय है।
जिलाध्यक्ष उमा प्रजापति ने कहा कि पूरा समय केंद्र में बिता देने के बाद भी उन्हें मानदेय बहुत कम दिया जा रहा है।
हॉट कुक्ड बनाने के लिए ईंधन का पैसा उन्हें अपने पास से खर्च करना पड़ता है। मानदेय कम होने के कारण उनके बच्चे भूखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। जिलाध्यक्ष ने कार्यकत्रियों को 15 हजार और सहायिकाओं को 7500 रु पये देने की मांग की। उन्होंने सरकारी कर्मचारी घोषित किए जाने, मिनी केंद्रों की कार्यकत्रियों व सहायिकाओं का मानदेय समान किए जाने, मुख्य सेविका व लिपिक के पदों पर प्रोन्नत किए जाने सहित अन्य मांगें भी रखी हैं। धरना प्रदर्शन के बाद कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर महामंत्री निर्मला धुरिया, शकीला बानो, शशि त्रिपाठी, कामिनी मिश्रा, जनकसुता, उर्मिला, बीनू यादव, सावित्री विश्वकर्मा, शहनाज, संगीता दीक्षित मौजूद रहीं।