आठ अप्रैल की रात 12 बजे से थम जाएंगे रोडवेज के पहिए
हापुड़। विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। इस कारण आठ अप्रैल की रात 12 बजे से हापुड़ समेत समूचे उत्तर प्रदेश की रोडवेज बसों का चक्का जाम रहेगा। लखनऊ में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय सम्मेलन में कर्मचारियों ने शासन को अल्टीमेटम दे दिया है। इसका अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने भी समर्थन किया है।
हापुड़ डिपो से विभिन्न मार्गों पर 110 बसों का संचालन होता है। प्रतिदिन इन बसों से करीब 30 हजार यात्री सफर करते हैं। इससे निगम को प्रतिदिन करीब 15-20 लाख रुपये का राजस्व भी इन बसों से प्राप्त होता है। इसके बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का बीते काफी समय से निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इस कारण कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया है।
बुधवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर लखनऊ में रोडवेज कर्मियों का प्रांतीय सम्मेलन किया गया। इसमें सरकार की ओर से मांगों का निस्तारण न कराए जाने पर संयुक्त रूप से कर्मचारियों ने 8 अप्रैल की रात 12 बजे से बसों के चक्का जाम का निर्णय लिया है। शासन को भी इसका अल्टीमेटम दे दिया गया है।
स्थानीय डिपो में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री राजकुमार गुप्ता ने बताया कि वह सरकार से सातवें वेतन आयोग को लागू करने, छठे वेतनमान का एरियर दिलाने, संविदा कर्मियों का वेतन फिक्स करने, महंगाई भत्ता लागू करने व एसीपी से रोक हटाने की मांग उठा चुके हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं है। हड़ताल के तहत 8 अप्रैल को रात 12 बजे से हापुड़ समेत प्रदेशभर में बसों का चक्का जाम रहेगा। उन्होंने बताया कि अन्य सरकारी विभागों की यूनियन का भी उन्हें समर्थन मिल गया है। मांगें पूरी न होने तक चक्का जाम और हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एनपी सिंह का कहना है कि उनका प्रयास रहेगा कि यात्रियों को परेशानी न हो। बसों के संचालन की व्यवस्था कराई जाएगी।