महिलाओं ने तहसील का घेराव कर किया हंगामा
गढ़मुक्तेश्वर। उपद्रवियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस द्वारा घरों में तोड़फोड़ और अभद्रता करने से गुस्साई गढ़ की दलित महिलाओं ने बृहस्पतिवार को तहसील का घेराव कर हंगामा किया। बाद में एसडीएम और डीएसपी ने निर्दोषों पर कोई भी कार्रवाई न होने का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेजा।
भारत बंद के दौरान उपद्रव और दुकानों में तोड़फोड़ समेत सामान लूट ले जाने के मामले में नामजद और अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ को पुलिस और पीएसी ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। इससे दलित समाज के परिवारों में अजीब सा खौफ बना है। लापता होने से आरोपियों के पकड़ में न आने पर पुलिस उनके परिजनों के साथ सख्ती का बर्ताव भी कर रही है, जिसको लेकर दलित समुदाय में रोष फैला है। इससे नाराज बृहस्पतिवार सुबह सैकड़ों महिलाएं अंबेडकर भवन पर एकत्र हो गईं। इसके बाद महिलाएं यहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए तहसील का घेराव कर हंगामा करने लगीं। महिलाओं का कहना है कि हमारे निर्दोष बच्चों की धरपकड़ को देर रात में आने वाली पुलिस घरों में तोड़फोड़ कर रही है। विरोध करने पर महिलाओं के साथ अभद्रता की जा रही है। महिलाओं ने रात में दबिश न दिए जाने के साथ ही उपद्रव के मामले में राजनीतिक विद्वेष की भावना और रंजिशन फंसाए गए निर्दोष बच्चों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई न करने की गुहार लगाई। तहसील का घेराव कर हंगामा किए जाने की खबर मिलते ही बड़ी तादाद में पुलिस मौके पर पहुंच गई। तभी महिलाओं के बीच पहुंचे एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य, तहसीलदार मनोज कुमार, डीएसपी संतोष मिश्रा, इंस्पेक्टर एनके सिंह और एसएसआरई सुभाष यादव महिलाओं को निर्दोष के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का आश्वासन देकर वापस भेजा।