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खादर मेले में सदियों पुरानी परंपरा इस दौर में भी कायम

Updated Fri, 02 Nov 2018 12:25 AM IST
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खादर मेले में नहीं पहुंचेगी बिजली सप्लाई
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गढ़मुक्तेश्वर। खादर मेले में बिजली न पहुंचने से जिला पंचायत को जेनरेटरों के माध्यम से सप्लाई देनी होगी। इससे ध्वनि और वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ ही लाखों की रकम भी ज्यादा खर्च होगी।
राजकीय मान्यता मिलने पर पिछले साल आयोजित हुए पौराणिक खादर मेले के आयोजन को जिला प्रशासन ने अभूतपूर्व बनाने की तैयारी की थी। इसके तहत मेले की व्यवस्थाओं का जिम्मा पहली बार ताज, लखनऊ, सैफई और नोएडा जैसे महोत्सव का आयोजन करने वाली इवेंट मैनेजमेंट को सौंपा गया था। मेले के चप्पे-चप्पे को रोशनी से गुलजार करने के लिए अस्थाई बिजली कनेक्शन भी लिया गया था, जिसके तहत निगम ने अस्थाई लाइन खिंचवाने के साथ ही सदर गेट के बाहर चार सौ केवीए क्षमता वाला ट्रांसफार्मर भी रखवाया गया था, लेकिन जिला पंचायत ने अस्थाई कनेक्शन से जुड़ा पेमेंट अभी तक अदा नहीं किया है, जिसके चलते बिजली निगम ने पिछले साल का हिसाब चुकता कराने के साथ ही इस बार मेले के लिए 35 लाख में अस्थाई कनेक्शन देने की बात कही है। अप्रत्यक्ष रूप में बिजली निगम के इंकार करने पर खादर और पशु मेले में जेनरेटरों के माध्यम से सप्लाई देना जिला पंचायत की मजबूरी रहेगी, इससे वायु और ध्वनि प्रदूषण बढ़ने के साथ ही जिला पंचायत को बिजली सप्लाई के मुकाबले लाखों रुपये अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ेगी।
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कोट
पिछले साल का पेमेंट अदा न होने पर इस बार मेले के लिए अस्थाई बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। मेले से जुड़े संपर्क रास्तों पर बिजली सप्लाई पूरी तरह सुचारु रखी जाएगी।
- राकेश कुमार , एक्सईएन

बिजली निगम ने अपेक्षित क्षमता वाला अस्थाई कनेक्शन नहीं दिया था, इसलिए पेमेंट का कोई सवाल ही नहीं उठता है। इस बार मेले में सप्लाई के लिए 120 और 62 केवीए क्षमता वाले 22 जनरेटर लगाए जाएंगे। मुख्य स्नानघाट और सदर बाजार समेत वीआईपी कैप के आसपास साइलेंट मोड वाले जनरेटर लगाए जाएंगे।
- देवी सहाय, प्रशासनिक अधिकारी, जिला पंचायत

मुख्यमंत्री और राज्यपाल के आगमन को लेकर सक्रियता बढ़ी

गढ़मुक्तेश्वर। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला और तहसील प्रशासन समेत जिला पंचायत विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मेला स्थल पर चल रही तैयारियों में तेजी आने के साथ ही हेलीपैड समेत सभा स्थल तैयार कराने के लिए फसलों का कटान तेज हो गया है।
चुनावी वादे के मुताबिक पिछले साल खादर मेले को शासन से राजकीय मेले की मान्यता दिलाने वाले क्षेत्रीय विधायक कमल मलिक पहली बार किसी मुख्यमंत्री को मेले में लाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। उम्मीद है कि 22 नवंबर को सीएम योगी आदित्यनाथ मेले में शिरकत करने आएंगे। प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक भी 19 या 20 नवंबर को खादर मेले में पहुंचकर ब्रजघाट में गंगा आरती में भाग लेंगे। सीएम और राज्यपाल के दौरे के मद्देनजर बुधवार को पूर्व केंद्रीय राज्य गृहमंत्री स्वामी चिन्मयानंद महाराज, भाजपा के संगठन मंत्री प्रद्युम्न कुमार, मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल, क्षेत्रीय विधायक कमल मलिक, डीएम अदिति सिंह, एसपी संकल्प शर्मा, एडीएम जेएन यादव, एएसपी राम मोहन सिंह, पालिका ईओ राममूर्ति त्रिपाठी ने पौराणिक खादर मेला स्थल का निरीक्षण किया था। सीएम और राज्यपाल का आगमन होने की खबर पर जिला और तहसील प्रशासन समेत जिला पंचायत विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मेले के मुख्य द्वार से थोड़ी दूरी पर हैलीपैड बनाने समेत सीएम की सभा का स्थान भी चिन्हित कर लिया गया है। हैलीपैड और सभा स्थल को जल्द से जल्द पूरी तरह चाक चौबंद करने के मकसद से आसपास के जंगल में खड़ी गन्ने की फसलों का कटान भी तेज करा दिया गया है। जिला पंचायत एई पवन गोयल और जेई आदेश कुमार ने हैलीपैड समेत सीएम के सभा स्थल को चिन्हित किए गए स्थान का निरीक्षण कर जल्द सारी तैयारी पूरी कराने का दावा किया है। एडीएम जेएन यादव और मेलाधिकारी ज्योति राय ने बताया कि सीएम और राज्यपाल के आगमन के मद्देनजर बुधवार को पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने मेला स्थल का दौरा किया था, लेकिन फिलहाल शासन स्तर से इस संबंध में जिला मुख्यालय पर कोई अधिकृत पत्र नहीं आया है।

सीएम के आगमन से बदलेगी मेले की दशा
गढ़मुक्तेश्वर। मेले में मुख्यमंत्री के आगमन को हरी झंडी मिलने से गदगद जिला पंचायत चेयरमैन ने अगली बार पौराणिक खादर मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं को कुंभ की तर्ज पर पूरी तरह चाक चौबंद कराने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि सीएम के आगमन से मेले की दशा बदलनी तय है। चेयरमैन अमृता कुमार ने बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अमले के साथ पौराणिक खादर मेला स्थल का दौरा कर सीएम के आगमन से जुड़ी तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों को बताया कि हाल ही में गढ़ विधायक कमल सिंह मलिक के साथ लखनऊ जाकर उन्होंने सीएम से महाभारत कालीन पौराणिक खादर मेले में आने का आग्रह किया था, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। जिला पंचायत चेयरमैन का कहना है कि सदियों से उपेक्षित मेले को अपनी सरकार के पहले ही साल में सीएम योगी ने राजकीय मान्यता प्रदान कराकर सराहनीय कदम उठाया था, जबकि इस मेले में आने की हामी भरकर सीएम ने फिर से साबित कर दिया है कि धार्मिक आयोजन और गंगा किनारे लगने वाले मेलों के प्रति उनकी कितनी अटूट श्रद्धा है। उन्होंने बताया कि इस बार मेला स्थल पर हरिद्वार के साधू संत प्रतिदिन गंगा आरती करेंगे और भजन गायिका अनुराधा पौडवाल समेत कई देश प्रसिद्ध कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा इनामी दंगल, कबड्डी, कवि सम्मेलन, धर्म संसद जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीएम का आगमन होने से खादर मेले की दशा और दिशा पूरी तरह बदलनी तय है, क्योंकि अगली बार मेला स्थल पर कुंभ की तरह पक्की सड़क, गरीब निराश्रितों के ठहराव को रैन बसेरा, पीने के पानी के लिए हैंडपंप, गंदगी की रोकथाम के लिए शौचालयों समेत बिजली लाइन पहुंचवाने के साथ ही अमरोहा के तिगरी धाम की तर्ज पर गढ़ की साइड में गंगा किनारे पक्का बांध बनवाने की मांग भी की जाएगी।
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