बैंकों की लापरवाही से 1200 किसान रहे ऋण माफी से वंचित
-अनेक किसानों का ब्योरा उपलब्ध नहीं करा सके बैंक
-कृषि विभाग के अफसरों ने ऐसे किसानों के संबंध में शासन को किया पत्राचार
--जतिन त्यागी--
हापुड़। फसली ऋण विमोचन योजना के तहत जिले के करीब 1200 किसान बैंक अफसरों की लापरवाही से ऋण माफी से वंचित रह गए हैं। बैंक अनेक किसानों का ब्योरा शासन को उपलब्ध नहीं करा सके हैं। इसके चलते पात्रता की सूची में किसानों का नाम नहीं आ सका है। आए दिन स्वयं को पात्र बता किसान कृषि विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। मामले की गंभीरता पर विभागीय अफसरों ने शासन से पत्राचार किया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दो हेक्टेयर जमीन वाले किसानों का एक लाख रुपये फसली ऋण माफ करने की घोषणा की थी। इसमें अनेेक शर्तें रखी गईं। जिले से करीब 44 हजार किसानों को योजना का पात्र माना गया था। दो चरण में करीब 16 हजार किसानों को योजना का लाभ मिल सका है। तीसरे चरण की सूची लगभग तैयार हो चुकी है। लेकिन अनेक किसान जो पात्र हैं उनका नाम नहीं आ सका है। क्योंकि संबंधित बैंकों ने ऐसे किसानों का डाटा शासन को नहीं भेजा है।
जानकारी के अनुसार कहीं तो बैंक अफसरों ने पात्रता में दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसानों को ले लिया है तो कहीं ऋण लेने की अवधि को गलत दर्शा दिया है। ऋण माफी की तमाम शर्तें पूरा करने के बाद भी शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पाने से किसान परेशान हैं। रोजाना दर्जनों किसान कृषि अफसरों से सूची में नाम दर्ज करने की गुहार लगा रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी शिवकुमार का कहना है कि अनेक किसान इस संबंध में शिकायत करने पहुंच रहे हैं। इस मामले में शासन से पत्राचार किया गया है। वहां से दिशा निर्देश मिलने पर ही अग्रिम कार्रवाई करेंगे।