हापुड़। समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि भ्रष्टाचार पर काबू पाने की चाभी जनता के पास है। इसके लिए देश की जनता मां भारती और शहीदों की शपथ ले कि चुनावों में भ्रष्टाचारी, लुटेरे, गुंडे और गलत व्यक्ति को वोट नहीं देंगे। अब तक जो नहीं हुआ फिर वह पांच साल में होगा। नौकर से मालिक बने सांसद, विधायक और अफसर फिर से जनता के नौकर बन जाएंगे।
स्वर्ग आश्रम रोड पर आयोजित सभा में अन्ना ने कहा कि जनतंत्र यात्रा का उद्देश्य लोक जाग्रति, लोक संगठन और भ्रष्टाचार मिटाना है। हर पांच साल में केवल सरकार बदलीं हैं भ्रष्टाचार नहीं मिटा। भ्रष्टाचारी और लुटेरे संसद तक पहुंच गए। उन्होंने कहा कि वह वोट मांगने नहीं आए हैं, लेकिन जनता को अच्छे लोगों को वोट देने का संकल्प दिलाने आए हैं। अन्ना ने कहा कि उन्हें मरने का भय नहीं है। इसीलिए भ्रष्टाचारियों और गुंडों के खिलाफ लड़ रहे हैं। अब तक छह केबिनेट मंत्रियों के विकेट गिरा चुके हैं।
पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वी.के.सिंह ने कहा कि अब जाति, धर्म, भेदभाव छोड़कर व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई लड़नी है। सूफी सैय्यद मोहम्मद जिलानी ने कहा कि अन्ना का मकसद है कि आम आदमी को अपना हक लड़कर लेना होगा। सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, संतोष भारती ने भी विचार रखे। संचालन प्रोफेसर राकेश अग्रवाल ने किया। स्वागत समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल, हर्ष शर्मा एडवोकेट, डा.पंकज पाठक, मनोज भारद्वाज, ऋर्षिपाल सैनी, चक्रवर्ती गर्ग, नरेश अग्रवाल आदि ने आभार जताया।
ग्राम भटियाना में आयोजित सभा में अन्ना ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश को भ्रष्टाचार से मिटाना है। पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह, सूफी सैय्यद मोहम्मद जिलानी ने भी विचार रखे। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरिराज सिंह रावत संदीप रावत, भाकियू के जिला संयोजक मनोज तोमर, राजपूत सभा के अध्यक्ष जगदीश पाल अत्रीश, सिपट्टर सिंह, हरिओम रावत, असगर खां, सुनील तोमर, उम्मेद प्रधान आदि ने अन्ना टीम का स्वागत किया। शुक्रवार की रात अन्ना का हापुड़ पहुंचने पर ग्राम अच्छेजा में राधेलाल त्यागी, रवि भाटी ने स्वागत किया।
11ः30 घंटे बाद शयन कक्ष से बाहर आए अन्ना
हापुड़। पिलखुवा में 12 अप्रैल की रात्रि जनसभा को संबोधित करने के बाद रात्रि करीब 10 बजे हापुड़ में गिरधारीनगर स्थित नरेन्द्र अग्रवाल के निवास पर पहुंचे अन्ना हजारे ने सीधा शयन कक्ष में प्रवेश किया और द्वार बंद करा लिए। इसके बाद अन्ना 13 अप्रैल की सुबह करीब 9.30 बजे यानि लगभग साढे़ ग्यारह घंटे बाद नाश्ता कर बाहर निकले। रात्रि में जनतंत्र यात्रा स्वागत समिति के पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात करने का हर संभव प्रयास किया लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने साफ कहा कि अब सिर्फ 13 अप्रैल की सुबह 9 बजे ही उनके शयन क क्ष का दरवाजा खुलेगा। 13 अप्रैल की सुबह भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनसे मिलने की इच्छा रखते हुए वहां पहुंचे लेकिन किसी की मुलाकात नहीं हो सकी। वहां से रवाना होने से कुछ देर पहले उन्होंने पूर्व जनरल वीके सिंह, सूफी सैय्यद मौहम्मद जिलानी और संतोष भारतीय को अपने कक्ष में बुला लिया था। बाहर आने पर वहां सिर पर मैं हूं अन्ना की टोपी लगाए खड़ी छात्रा स्नेहा यादव के साथ उन्होंने फोटो खिंचवाया।