धौलाना/हापुड़। मुजफ्फरनगर दंगे, खेड़ा पुलिस बर्बरता के साथ-साथ विधायकों की गिरफ्तारी के विरोध में धौलाना के समाना गांव में मंगलवार को प्रस्तावित पंचायत पुलिस ने नहीं होने दी। रात में ही भाजपाइयों को नजरबंद किया और सुबह पंचायत स्थल की ओर जाते भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वाईपी सिंह को 26 समर्थकों समेत गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पुलिस लाइन ले जाने की खबर फैलते भाजपाई जुटे और धरना-प्रदर्शन करने लगे। पहले पुलिस अफसरों ने गिरफ्तार नेताओं की मान मनौवल की। समाना जाने पर अड़े रहने पर एसडीएम के आदेश पर शाम को भाजपा नेता को आठ समर्थकों के साथ जेल भेज दिया गया।
मालूम रहे कि मुजफ्फरनगर दंगे और फिर मेरठ में खेड़ा महापंचायत में पुलिस बर्बरता के बाद भाजपा विधायक संगीत सोम और सुरेश राणा की गिरफ्तारी और उन पर रासुका लगाने पर भाजपाइयों में खासा उबाल है। सरकार और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ धौलाना में मंगलवार को पंचायत बुलाई गई थी। माहौल को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अफसर देर रात पंचायत में पहुंचने वाले प्रमुख नेता भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वाईपी सिंह के गांव बासतपुर पहुंच गए। एस.डी. एम. धौलाना कन्हई सिंह यादव, एएसपी सुधीर कुमार , सीओ अमित कुमार नागर, तहसीलदार दिलीप कुमार यादव ने उनसे पंचायत में न जाने का आग्रह किया। न मानने पर पुलिस अफसर वाईपी सिंह को समर्थकों समेत गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले आई। जैसे ही पुलिस प्रशासन के अधिकारी भाजपा नेता वाईपी सिंह व अन्य कार्यकर्ताओं को लेकर पुलिस लाइन पहुंचे, भाजपा के जिला महामंत्री विनोद गुप्ता, नगर अध्यक्ष योगेन्द्र पंडित, जिला मीडिया प्रभारी सुयश वशिष्ठ आनन फानन में पुलिस लाइन पहुंच गए। जहां उन्हें बताया गया कि अस्थाई जेल में सभी को रखा गया है लेकिन प्रारम्भ में इन कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन मे प्रवेश नहीं करने दिया गया। गिरफ्तारी की खबर फैली तो भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय त्यागी, किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री राकेश त्यागी, पूर्व विधायक विजेन्द्र कुमार, अशोक बबली, किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद त्यागी, विरंजन सिंह त्यागी, प्रवीन प्रधान, मोहन सिंह, मनोज वाल्मिकि, महेश शर्मा, मुनेश त्यागी, विजयपाल आढ़ती, राहुल केन, महेश त्यागी, नितेश त्यागी, रामस्वरुप भारती, प्रवीन सेठी आदि भी पहुंच गए। इसी बीच पिलखुवा से पश्चिम क्षेत्र के उपाध्यक्ष महेश अग्रवाल, लज्जारानी गर्ग भी कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस लाइन पहुंच गए। वाईपी सिंह की गिरफ्तारी को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं के साथ अन्दर प्रवेश को लेकर पुलिस की नोंकझोंक भी हो गई। बाद में पुलिस ने पांच-पांच लोगों को पुलिस लाइन में जाने की अनुमति दे दी।
गिरफ्तारी, रिहाई और जेल भेजने का ड्रामा
शाम होते होते पुलिस लाइन के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ती गई। इस तरह गिरफ्तारी, रिहाई और फिर जेलने का ड्रामा दिन छिपने तक चला। इससे अफरा तफरी का माहौल बना रहा। दरअसल भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने शाम को करीब सवा पांच बजे पुलिस ने सभी भाजपाइयों को छुड़वा दिया। लेकिन जैसे ही वह गेट पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें वापस बुलवा लिया और कहा कि वह लिख कर दें कि कोई पंचायत नहीं करेंगे और न ही भाग लेंगे। लेकिन वह नहीं माने। काफी गहमागहमी के बाद पुलिस ने दिन छिपते ही करीब सात बजे वाईपी सिंह, इकलैड़ी निवासी शीशपाल, सपनावत निवासी वीरेन्द्र सिंह, राहुल राणा, बझैड़ा खुर्द निवासी किरनपाल, पिलखुवा निवासी विनोद तोमर, यशपाल सिंह, सौलाना निवासी रिषीपाल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब कहीं जाकर यह ड्रामा समाप्त हुआ।