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प्रैक्टिस से पहले रजिस्ट्रेशन कराएं वकील

Hapur Updated Fri, 07 Mar 2014 05:32 AM IST
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हापुड़। स्थानीय बार एसोसिएशन में नाम रजिस्टर्ड कराकर किसी अन्य शहर में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं पर एसोसिएशन की नजर टेढ़ी हो गई है। ऐसे अधिवक्ताओं को सूचीबद्ध करने के लिए एसोसिएशन ने 8 सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच का जिम्मा सौंप दिया है। बार अध्यक्ष के अनुसार मार्च माह में कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।
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जानकारी के अनुसार हापुड़ बार एसोसिएशन की सूची में लगभग 650 अधिवक्ता सदस्य हैं लेकिन इनमें से लगभग 150 सदस्य ऐसे हैं जो बार में रजिस्टर्ड तो हैं लेकिन कचहरी में प्रैक्टिस नहीं करते हैं। ये सदस्य दूसरे शहरों में वकालत कर रहे हैं या व्यवसाय कर जीवनयापन कर रहे हैं। इनका मकसद सिर्फ बार एसोसिएशन के चुनाव में अपने समर्थक के पक्ष में मतदान करना होता है।
बार काउंसिल के नियमानुसार कोई भी अधिवक्ता जिस बार में रजिस्टर्ड होगा उसी में वकालत करेगा। इसके लिए अधिवक्ता को शपथ पत्र भी देना होगा। कोई अधिवक्ता वकालत के अलावा किसी अन्य व्यवसाय को अपनाता है तो इसकी सूचना भी बार काउंसिल को देनी होगी। सूत्रों का कहना है कि हापुड़ बार एसोसिएशन में इन नियमों का उल्लंघन आम बात है। जबकि इस मामले को कई बार एसोसिएशन के सामने उठाया जा चुका है। बता दें कि 18 जनवरी को हापुड़ बार के पांच सदस्यों मुकेश शर्मा, महेंद्र सिंह, अजीत सिंह, सुधीर त्यागी और शाह आलम ने अध्यक्ष सचिव को पत्र लिख इस मामले में कार्रवाई को लेकर बैठक बुलाने की मांग की थी।
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इस संबंध में दूसरा पत्र 22 जनवरी कोे लिखा गया जिस पर 30 जनवरी को बार एसोसिएशन की आमसभा की बैठक में 8 अधिवक्ताओं की एक कमेटी का गठन किया गया जो मामले की जांच कर रही है। जांच कमेटी में ठाकुर गजेंद्र सिंह, सतेश्वर त्यागी, रामलाल, चौधरी रणवीर सिंह, मुकेश शर्मा, सुनील अग्रवाल आदि शामिल हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा का कहना है कि उक्त कमेटी की जांच रिपोर्ट मार्च के अंत तक आ जाने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कोई कार्रवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मई में बार एसोसिएशन के चुनाव होने हैं।
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