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मुठभेड़ में पकड़े दो बदमाश, दो भागे

ब्यूरो, अमर उजाला/हापुड़ Updated Mon, 04 Apr 2016 12:40 AM IST
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गिरफ्तार लुटेरों से पूछताछ करते एएसपी रामनयन यादव। - फोटो : अमर उजाला
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हाफिजपुर थाना क्षेत्र के घुंघराला गांव के पास सेंट्रो कार लूटने वाले गैंग के दो बदमाशों को बाबूगढ़ पुलिस ने शनिवार रात मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। हालांकि उनके दो साथी भाग गए। उनके पास से लूटी गई कार, दो तमंचे, कारतूस मिले हैं। बदमाशों ने लूट की कई घटनाओं का खुलासा किया है।
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एएसपी रामनयन यादव ने बताया कि शनिवार रात बाबूगढ़ एसओ विजय बहादुर सिंह बनखंडा नहर पुल पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी सेंट्रो कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसमें सवार चार लोगों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और बेरिकेडिंग तोड़कर भागने लगे।

पुलिस ने घेराबंदी कर और दो बदमाशों को दबोच लिया। गिरफ्तार बदमाश विनय उर्फ तोता पुत्र जवाहर सिंह निवासी उदयपुर गांव थाना बाबूगढ़ और सोनू उर्फ बिट्टू पुत्र सोहनवीर निवासी चंदपुरा थाना बीबीनगर जिला बुलंदशहर हैं।
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बाबूगढ़ सीओ शैलेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि इन बदमाशों ने 19 मार्च को गांव घुंघराला के जंगल से सेंट्रो कार लूटी थी। जिला अमरोहा के थाना आदमपुर में भी लूट की थी। गढ़ से भी उन्होंने 5500 रुपये लूटे थे।

अपने फूफा की हत्या में शामिल था तोता
सीओ ने बताया कि गिरफ्तार विनय उर्फ तोता मोदीनगर के निवाड़ी निवासी अपने फूफा सूबे सिंह की 2013 में हत्या में भी शामिल रहा है। दोनों बदमाशों के पास से पुलिस ने दो तमंचे, दो खोखे और दो कारतूस बरामद किए हैं।

सुमित निवासी उदयपुर थाना बाबूगढ़ और अर्पित निवासी खैरपुर थाना पिलखुवा भाग गए। एएसपी ने गुडवर्क करने वाली टीम को पांच हजार का इनाम देने की घोषणा की है।

मोदीनगर के एक व्यक्ति की हत्या की ले रखी थी सुपारी
गिरफ्तार दोनों बदमाश विनय उर्फ तोता और सोनू उर्फ बिट्टू मिर्ची या भोलू गैंग से जुड़ने की प्लानिंग बना रहा था। दोनों बदमाश चार माह पहले ही जेल से छूटकर आए हैं और उन्होंने सात दिन में पांच लूट की वारदातें की थीं। गैंग ने मोदीनगर के एक व्यक्ति को मारने की भी सुपारी ले रखी थी।

विनय उर्फ तोता ने 2013 में मोदीनगर निवासी अपने फूफा सूबे सिंह की हत्या केवल इस बात पर कर दी थी कि उसकी बुआ को प्रापर्टी में कम हिस्सा दे रहा था। हत्या मे सोनू भी शामिल था। दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए और जेल चले गए।

चार माह पहले ही दोनों जेल से छूटकर आए और सुमित, अर्पित के साथ मिलकर गैंग बना लिया। इस गैंग ने मोदीनगर के एक व्यक्ति की हत्या की सुपारी भी ली थी, लेकिन सुपारी किसने और क्यों दी, इसका खुलासा अभी पुलिस ने नहीं किया है।

यह गैंग मिर्ची या भोलू गैंग के सदस्यों से संपर्क बढ़ा रहा था, लेकिन इससे पहले यह पकड़ गए। एसओ बाबूगढ़ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि नोएडा से लूटी गई बाइक सुमित के पास है।a
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