तीन दिन बाद हाईवे-24 पर रूट डायवर्जन खत्म होने के बाद भी यात्रियों में जाम लगने का खौफ सताता रहा। सोमवार को लोगों ने यहां से सफर करना मुनासिब नहीं समझा और हाईवे पर सन्नाटा पसरा रहा। हाईवे खाली रहने के कारण दिल्ली से लखनऊ जाने वालों को आसानी रही, लेकिन वाहन अधिक नहीं दिखे।
तीन दिनों के बाद नेशनल हाईवे की यातायात व्यवस्था फिर पटरी पर लौट आई है। तयशुदा प्रोग्राम के तहत सोमवार की दोपहर में करीब एक बजे गढ़ और गजरौला पुलिस ने रूट डायवर्जन की बंदिश को पूरी तरह हटा दिया। इससे तीनों दिनों के बाद अति व्यस्तम नेशनल हाईवे की यातायात व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट आई।
लेकिन जाम का खौफ लोगों में दिखा। सोमवार को हाईवे पर वाहन नहीं दिखाए दिए और सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि जैसे ही रूट डायवर्जन की बंदिश हटाई गई तो गढ़ और गजरौला क्षेत्र में तीन दिनों से सड़कों के किनारे खड़े लोडेड वाहनों के जाने का सिलसिला शुरू हो गया।
वहीं भारी वाहनों का आवागमन रोकने के लिए लगाई गईं बैरिकेडिंग को हटाने के साथ ही पुलिस भी हाईवे ड्यूटी से खिसक गई, जिससे दोपहर बाद ब्रजघाट गंगा से कांवड़ ले जा रहे शिवभक्तों को अति व्यस्तम हाईवे पर सफर करने में काफी दुश्वारी झेलनी पड़ी।
कुल मिलाकर शनिवार की दोपहर को किए गए रूट डायवर्जन की बंदिश सोमवार को तीसरे दिन दोपहर एक बजे हटने पर नेशनल हाईवे पर भारी वाहन सरपट तो दौड़े, लेकिन हाईवे पर सन्नाटा रहा। डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय और इंस्पेक्टर विरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि तयशुदा प्रोग्राम के तहत सोमवार की दोपहर एक बजे रूट डायवर्जन की बंदिश हटा दी गई।
नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह सुचारू हो गया है। हालांकि लोगों में जाम की दशहश दिखी। सोमवार को हाईवे पर वाहनों का दबाव न के बराबर था। हाईवे पर सन्नाटा पसरा रहा। रूट डायवर्जन के कारण तीन दिनों से खड़े वाहन जरूर गंतव्य के लिए रवाना हो गए। साथ ही दिल्ली से लखनऊ जाने वाले वाहन फर्राटा भरते नजर आए।