हरदोई। फार्मसिस्ट द्वारा तथ्यों को छुपा कर विभागीय लाभ लेने के आरोप की जांच करने 31 दिसंबर को संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक आएंगे। वह विभागीय पत्रावलियों का अवलोकन करने के साथ साथ विभागीय लोगों से भी जानकारी लेंगे। शिकायत कर्ता ने पत्रावलियों में हेरफेर करने का अंदेशा जाहिर किया है।
जिला अस्पताल में चीफ फार्मसिस्ट के पद पर तैनात मेवालाल वर्मा के विरुद्ध ग्राम बावन के निवासी मुन्ना पुत्र अरविंद ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि फार्मसिस्ट ने तथ्यों को छुपाकर पदोन्नति प्राप्त कर ली। वह लखनऊ में जब सीएमएसडी स्टोर थे उस समय उन पर चोरी से औषधि बेचने का आरोप लगा था। इसके बाद जब जिले में तैनाती हुई तो उनका कार्यकाल विवादित रहने की चर्चा रही हालांकि चीफ फार्मासिस्ट पर लगे आरोपों को तथ्यविहीन बताया जाता है यह अलग बात है शिकायत कर्ता ने मुख्य मंत्री से फार्मसिस्ट की पदोन्नति को जांच कर निरस्त करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री के पास शिकायत पहुंचने पर फार्मासिस्ट के संबंध में जांच करने के निर्देश दिए गए थे। स्वास्थ्य महकमे की ओर से 31 दिंसबर को संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं उपचार प्रकरण की जांच के लिए आ रहे हैं। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।