हरदोई। सोशल आडिट के दौरान ग्राम सभाओं में होने वाली बैठकों की कार्यवृत्ति की एमआईएस फीडिंग में जिला पिछड़ गया है। फीडिंग में बरती जा रही लापरवाही पर निदेशक ने नाराजगी जता फीडिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। निदेशक ने फीडिंग पूरी कराने की समय सीमा निर्धारित करते हुए कोार्डिनेटरों को जिम्मेदारी सौंपी है।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के दौरान होने वाले कार्यों की पारदर्शिता जांचने को सोशल आडिट शुरू कराए गए हैं। वित्तीय वर्ष के दौरान सभी ग्राम सभाओं में आडिट कर रिपोर्ट शासन को भेेजी जाती है। इसके अलावा आडिट की एमआईएस फीडिंग भी केंद्र सरकार की वेबसाइट पर की जाती है। जिसमें अबकी जिले के जिम्मेदाराें ने काफी लापरवाही की है। वित्तीय वर्ष 13-14 के दौरान जिले भर में कुल 1101 ग्राम सभाओं का सोशल आडिट कराने का लक्ष्य दिया गया। जिनको दो चरणों में पूरा कराया गया। आडिट ब्लाक कोआर्डिनेटरों के माध्यम से ग्राम सभाओें में खुली बैठक में कराए गए।
इसके बाद निर्धारित प्रारूप पर आडिट निष्कर्षों की रिपोर्ट तैयार कर जिला कोआर्डिनेटर के पास भेजी जानी है। इसी कार्य में ब्लाक कोआर्डिनेटरों ने लापरवाही की और शत प्रतिशत सोशल आडिट निष्कर्षों को अभी तक नहीं भेजा है, जिससे आडिट कार्यों की एमआईएस फीडिंग भी पूरी नहीं हो सकी है। जिससे जिला सोशल आडिट कार्य में पिछड़ा है। सोशल आडिट निदेशक शंकर सिंह ने नाराजगी जता पांच दिन का समय देते हुए एमआईएस फीडिंग पूरी करने के निर्देश जिला कोआर्डिनेटर को दी है।